अमेरिका-ईरान की जंग और पश्चिम एशिया का तनाव कम नहीं हो रहा है. यहां लगातार युद्ध और शांति के बीच डंवाडोल वाली स्थिति बनी हुई है. बुधवार सुबह सामने आया है कि ईरान एक बार फिर होर्मुज पर आक्रामक हो गया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में चेतावनी की अनदेखी करने वाले तीन तेल टैंकरों को कुछ घंटे पहले निशाना बनाकर रोक दिया गया. यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी के हवाले से सामने आई है.
ईरान के ये एक्शन उस चेतावनी के बाद सामने आया है, जो उसने महज कुछ घंटे पहले ही दी थी. ईरान ने दुनिया भर के देशों और शिपिंग कंपनियों को बड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि 'अगर किसी देश या कंपनी ने अमेरिका के जब्त किए गए ईरान संपत्ति का इस्तेमाल किया तो उसके जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने नहीं दिया जाएगा.'
ईरान के शीर्ष सैन्य कमान मुख्यालय 'खातम अल-अंबिया' ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ये चेतावनी दी थी. दरअसल ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान जंग के दौरान जिन जहाजों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें ईरान की जब्त संपत्तियों से मुआवजा दिया जाएगा.
ईरानी सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐलान किया है कि होर्मुज के असुरक्षित मार्ग से गुजरने के दौरान क्षतिग्रस्त हुए जहाजों को ईरान की जब्त संपत्तियों से मुआवजा दिया जाएगा.'
जुल्फिकारी ने आगे कहा, 'हम इस अवैध कदम के नतीजों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी देते हैं. हम सभी देशों और कंपनियों को ये साफ कर देना चाहते हैं कि जो भी इस बहाने ईरान की जब्त संपत्ति का इस्तेमाल करेगा, ईरान के सशस्त्र बल उसके किसी भी जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत नहीं देंगे.'