ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. युद्ध शुरू होने के 37 दिन बाद भी सीजफायर के संकेत नहीं मिल रहे हैं. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बात की है. इस बातचीत में अराघची ने मदद के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया.
पाकिस्तान लगातार इस कोशिश में है कि ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता को रोका जा सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो. ऐसे में ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के शांति बहाली के लिए किए जा रहे राजनयिक प्रयासों के लिए धन्यवाद कहा. उन्होंने इशाक डार से कहा कि तेहरान पाकिस्तान की मदद की सराहना करता है.
अराघची और डार के बीच ये फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया है.
बातचीत के दौरान अराघची ने क्षेत्र में अस्थिरता के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये दोनों देश इस 'थोपे गए युद्ध' की वजह है. अराघची ने चेतावनी दी कि मिडिल-ईस्ट में जो अस्थिरता पैदा हो रही है और इसके जो वैश्विक परिणाम होंगे, उसके लिए पूरी तरह से अमेरिका और इजरायल ही जिम्मेदार होंगे.
ईरानी विदेश मंत्री ने अपने देश के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर मुमकिन साधन अपनाएगा. उन्होंने पाकिस्तान को भरोसा दिलाया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए तैयार है और वो किसी भी बाहरी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा.
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पाकिस्तान का शांति का संदेश
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले रोकने के लिए पाकिस्तान की राजनयिक प्रयासों के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि इसके लिए लगातार बातचीत की जरूरत है.