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'ईरान वार्ता से पीछे नहीं हटा', अराघची ने US मीडिया पर लगाया झूठ परोसने का आरोप

अमेरिका-ईरान संघर्ष के छठे सप्ताह में पहुंचने के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें विफल होती दिख रही हैं. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने साफ किया कि उनके देश ने कभी भी इस्लामाबाद में शांति वार्ता से इनकार नहीं किया, लेकिन बातचीत तभी संभव है जब गैरकानूनी युद्ध का स्थायी समाधान निकले.

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विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने कभी भी इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं किया. (Photo: Reuters)
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने कभी भी इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं किया. (Photo: Reuters)

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को अमेरिकी अखबार 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि तेहरान के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के लिए नहीं आना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी भी इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं किया. अराघची ने जोर देकर कहा कि किसी भी बातचीत का नतीजा निर्णायक और स्थायी रूप से उस गैरकानूनी युद्ध का अंत होना चाहिए, जिसे ईरान पर थोपा गया है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'अमेरिकी मीडिया ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश कर रही है. हम पाकिस्तान के प्रयासों के लिए आभारी हैं और कभी इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं किया. हमारी प्राथमिकता एक स्थायी और निर्णायक समाधान है.' अराघची का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में गतिरोध की अटकलें लगाई जा रही हैं.

यह युद्ध अब छठे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने मध्यस्थों को संकेत दिया था कि वह आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने को तैयार नहीं है और वॉशिंगटन की शर्तें उसे स्वीकार नहीं हैं. रिपोर्ट में कहा गया था कि संघर्ष विराम की कोशिशें फिलहाल रुक गई हैं और ईरान व अमेरिका के बीच मध्यस्थता के प्रयास विफल साबित हो रहे हैं. इससे पहले ईरान ने यह भी कहा था कि वह पाकिस्तान द्वारा कराई जा रही किसी औपचारिक वार्ता में शामिल नहीं है.

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वहीं पाकिस्तान ने भी अमेरिकी मीडिया के दावों को खारिज किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने ऐसी खबरों को बेबुनियाद और काल्पनिक बताया. उन्होंने कहा, 'हम इन झूठे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं. इस संबंध में आधिकारिक सूत्रों का हवाला देना गलत है.' पाकिस्तान के 'द डॉन' अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बैक-चैनल बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन ईरान की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया धीमी पड़ गई है. 

द डॉन ने एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से कहा कि भारी सैन्य और बुनियादी ढांचे के नुकसान के बावजूद ईरान की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया न आना हैरान करने वाला है. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी नेतृत्व ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के संपर्क में बना हुआ है. यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से शुरू हुआ था. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे. इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष को और बढ़ा दिया, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बंद हो गया और वैश्विक  ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई.

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