हूतियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर धावा बोल दिया है. हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत में दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. इस दौरान एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया गया है.
इन हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने की खबर है. हालांकि, बाद में सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा अब टल गया है.
सऊदी अधिकारियों ने खमीस मुशैत, आभा और ताइफ समेत कई दक्षिणी शहरों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है. इनमें जेद्दा, आभा और जजान शामिल हैं.
सऊदी अरब के हमलों पर हूतियों का जवाबी वार
हाल ही में सऊदी अरब ने यमन में एयर स्ट्राइक की थी. इस हमले में विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद के डिपो को निशाना बनाया गया. अब हूतियों ने अपने ताजा हमलों को इसी का पलटवार बताया है.
तेल सप्लाई पर गहराया संकट
लाल सागर के मुहाने पर स्थित पेरिम द्वीप पर कब्जे के साथ-साथ हूतियों की इस नई बढ़त ने सऊदी अरब के तेल निर्यात पर दबाव बढ़ा दिया है. इससे पहले एक हवाई हमले के कारण सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ठप हो गई थी.
सऊदी अरब ने 1980 के दशक में होर्मुज के विकल्प के रूप में 1,200 किलोमीटर लंबी ये पाइपलाइन बनाई थी. तेल व्यापारियों के मुताबिक, अगर यह पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है, तो ग्लोबल ऑयल सप्लाई में 4 प्रतिशत तक की कटौती हो सकती है. इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई.
हूती ठिकानों पर हमले तेज
इस बीच सऊदी और यमनी वायु सेना ने मोचा पोर्ट के आसपास हूती ठिकानों पर बमबारी तेज कर दी है. इसके बावजूद हूतियों ने लगभग पूरे पश्चिमी तट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है.
ट्रंप को हूतियों ने दी दूर रहने की सलाह
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने अब तक सऊदी अरब की प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप की मांग को स्वीकार नहीं किया है और सिर्फ खुफिया मदद दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हूतियों ने भी अमेरिका से इस लड़ाई से दूर रहने के लिए कहा है.
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इस बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जेद्दा में अमेरिकी क्षेत्रीय कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के साथ मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों के बीच इन हमलों को लेकर चर्चा की.