अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने CEO के चयन को लेकर चल रहे दावों पर सफाई दी है. ट्रस्ट ने कहा कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने 11 अगस्त को इंटरव्यू दिया था. उनके चयन प्रक्रिया में शामिल न होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है.
ट्रस्ट के मुताबिक CEO पद के लिए 5,585 आवेदन मिले थे. इनमें से 16 उम्मीदवारों को अंतिम दौर के लिए चुना गया. इन सभी के आमने-सामने इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में हुए थे. जितेंद्र मिश्र भी 11 अगस्त की पहली पाली में इस प्रक्रिया का हिस्सा थे. ट्रस्ट की यह सफाई ऐसे समय आई है जब कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म पर जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू में शामिल नहीं होने का दावा किया गया था. ट्रस्ट ने अपने बयान में चयन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी टाइमलाइन भी साझा की है.
5,585 आवेदन से 16 उम्मीदवारों तक पहुंची प्रक्रिया
राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने नए CEO के चुनाव के लिए छह जुलाई को एक खोज समिति बनाई थी. इस समिति के सामने देश भर से कुल 5,585 आवेदन आए थे. इन सभी आवेदनों को परखने के लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में कई दौर की जांच की गई. शुरुआती छंटनी में तकनीक के साथ जानकारों की मदद ली गई. इसके बाद कागजी और व्यक्तिगत रूप से योग्यता परखी गई. कड़े चरणों को पार करने के बाद आखिर में 16 लोग अंतिम दौर की रेस में पहुंचे.
इन सभी 16 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए अयोध्या बुलाया गया था, जहां 11 और 12 अगस्त को आमने-सामने बातचीत हुई. ट्रस्ट ने उन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र इंटरव्यू में नहीं आए थे. ट्रस्ट के मुताबिक, वह तय समय पर 11 अगस्त को पहली पाली में अपना इंटरव्यू देने पहुंचे थे.
जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू पर क्या कहा ट्रस्ट ने?
ट्रस्ट ने कहा कि जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू में शामिल न होने की बात सही नहीं है. चयन प्रक्रिया के रिकॉर्ड में उनकी मौजूदगी दर्ज है. इतना ही नहीं, खोज समिति की ओर से सुझाए गए तीन नामों में उनका नाम भी शामिल था. समिति ने 1 सितंबर को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें ट्रस्ट को सौंप दी थीं. इसमें तीन नाम सुझाए गए थे. इनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (रिटायर्ड एयर मार्शल), संजय प्रतापसिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज शामिल थे.
इसके बाद 2 सितंबर को CEO की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की गई. ट्रस्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया के हर चरण का रिकॉर्ड रखा गया था. अयोध्या में इंटरव्यू देने वाले सभी अंतिम उम्मीदवारों की पहचान भी दर्ज की गई.
ऐसे आगे बढ़ी CEO चयन की पूरी प्रक्रिया
CEO के चयन की प्रक्रिया 6 जुलाई को खोज समिति बनने के साथ शुरू हुई. इसके बाद समिति को कुल 5,585 आवेदन मिले. अलग-अलग चरणों में इन आवेदनों की जांच की गई और 16 उम्मीदवारों को अंतिम दौर के लिए चुना गया. 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में इन 16 उम्मीदवारों के आमने-सामने इंटरव्यू हुए. जितेंद्र मिश्र ने 11 अगस्त की पहली पाली में इंटरव्यू दिया. इसके बाद 1 सितंबर को समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी.
2 सितंबर को तीन सुझाए गए नाम सार्वजनिक किए गए. ट्रस्ट ने अब इसी प्रक्रिया के आधार पर साफ किया है कि जितेंद्र मिश्र के इंटरव्यू में शामिल नहीं होने की बात गलत है. ट्रस्ट ने कहा है कि वह CEO चयन से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए आगे भी जरूरी जानकारी साझा करता रहेगा, ताकि प्रक्रिया को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे.