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'स्कूल में पंखा नहीं, कंप्यूटर काम नहीं करते', पेरिस में हाई स्कूल छात्रों का प्रोटेस्ट, शिक्षक भी करेंगे हड़ताल

फ्रांस के विभिन्न शहरों में छात्रों और शिक्षकों ने खराब शिक्षा व्यवस्था, बजट कटौती और संसाधनों की कमी के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किया है. पेरिस से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन मार्सिले, स्ट्रासबर्ग, टूर्स और लिले तक फैल गए.

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पैरिस में छात्रों का प्रोटेस्ट (File Photo: Reuters)
पैरिस में छात्रों का प्रोटेस्ट (File Photo: Reuters)

फ्रांस में पढ़ाई की खराब होती स्थितियों को लेकर छात्रों और शिक्षकों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया. शुक्रवार, 2 अक्टूबर को देशभर में हजारों छात्रों और शिक्षकों ने प्रोटेस्ट किया. 1200 से ज्यादा हाई स्कूलों में नाराजगी देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन में बदल गई. 

इन लोगों ने खचाखच भरी क्लासरूम, शिक्षकों की कमी और पढ़ाई-लिखाई की खराब स्थिति को लेकर आवाज उठाई है. पिछले हफ्ते पेरिस में भी प्रदर्शन हुए थे. पेरिस के उन इलाकों में जहां गरीबी ज्यादा है, वहां से इस प्रोटेस्ट की शुरुआत हुई थी. और अब यह मार्सिले, स्ट्रासबर्ग, टूर्स और लिले जैसे शहरों तक फैल गया है. 

पेरिस के बोबिग्नी में अपने हाई क्सूल के बाहर प्रदर्शन कर रही 18 वर्षीय पैरावई कोहेलानाथन ने कहा, 'हम यह तय किया है कि हम अपनी काम करने स्थितियों को लेकर एकजुट होंगे.'

'क्लास में कुर्सी-टेबल भी नहीं'

उन्होंने क्लासरूम की खराब हालत को लेकर चिंता जताई है. उनके मुताबिक, क्लासरूम में कभी-कभी पर्याप्त कुर्सी-टेबल भी नहीं होते. उन्होंने कहा, 'कंप्यूटर काम नहीं करते. शिक्षक भी काफी नहीं है, वे अक्सर गायब रहते हैं.'

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गुरुवार (1 अक्टूबर) को सरकार द्वारा 2027 के बजट की घोषणा किए जाने के बाद से ही विरोध प्रदर्शन और बढ़ा है. इस बजट में शिक्षकों की पेंशन को लेकर शिक्षा पर खर्च में मात्र 1.7% की बढ़ोतरी की गई है. यह महंगाई दर से कम है, ऐसे में यह प्रोटेस्ट और ज्यादा बढ़ गया है. इस बजट के बाद शिक्षा पर खर्च 65.53 अरब यूरो हो गया है.

यह भी पढ़ें: महिला कर्मचारियों को हटाने के विवाद में एफिल टावर बंद, पेरिस मेयर ने जांच के दिए आदेश

शिक्षा मंत्रालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे की कहना है कि शिक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है. उन्होंने महंगाई दर से कम बजट में बढ़ोतरी करने पर कहा कि ऐसा कम आबादी के कारण हुआ है. 

शिक्षा पर कम बजट का आवंटन

बोबिग्नी में एक शिक्षक एड्रियन प्रूड-होमे ने इन विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि खर्च में कटौती की जा रही है. लगभग सभी बजट में कटौती की जा रही है. प्रूड-होमे ने आंदोलन तेज करने को लेकर भी चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि 6 अक्टूबर को छात्रों के समर्थन में शिक्षक हड़ताल करने की प्लानिंग कर रहे हैं. वहीं गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने बढ़ती अशांति की निंदा की और शांति बनाए रखने की अपील की. ​​उन्होंने इसे "अस्वीकार्य हिंसा का माहौल" बताया.

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इन प्रदर्शनों में शामिल हुए लगभग 5 हजार से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया और कुछ प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए. तो वहीं, कई लोगों ने आंखों में तोट, दांत टूटने और सिर पर चोट जैसी शिकायतें की हैं. 

एक 17 वर्षीय छात्र ने खराब शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने क्लासरूम में पंखे न होने की भी शिकायत की है. उन्होंने कहा, 'एक छोटे से क्लासरूम में 35 से ज्यादा लोग बैठते हैं, क्लासरूम में पंखे भी नहीं होते. बहुत गर्मी लगती है.'

शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, शिक्षा पर खर्च के मामले में फ्रांस OECD देशों में बीच की स्थिति में है, लेकिन पिछले दशक में सेकेंडरी स्कूल के हर छात्र पर होने वाले औसत खर्च में बहुत कम बदलाव आया है. यही, छात्रों और शिक्षकों की नाराजगी का कारण बना है. 

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