दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट के हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ हो रही है. शनिवार को UAE के उप प्रधानमंत्री और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम ने अबू धाबी में उनसे मुलाकात की. उन्होंने मछार के साहस और जिम्मेदारी की सराहना की. साथ ही कहा कि UAE को उन पर गर्व है.
शेख हमदान ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की. इसमें उन्होंने कहा कि स्मित मछार ने बहादुरी, जिम्मेदारी और इंसानी जिंदगी की परवाह करने की मिसाल पेश की है. उन्होंने UAE के नेतृत्व की ओर से भी मछार की सराहना की. शेख हमदान ने लिखा कि 'उन्हें गर्व है कि मछार उनकी टीम और उनके देश की कहानी का हिस्सा हैं'. उन्होंने UAE को ऐसा देश बताया, जो करुणा, शांति और इंसानी जिंदगी को सबसे ज्यादा अहमियत देता है.
यह घटना 30 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी. विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था. उसमें 174 यात्री सवार थे. इसी दौरान ओमान के को-पायलट ने कॉकपिट में स्मित मछार पर क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. इसके बाद उसने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की. हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए आवाज लगाई. इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने मिलकर हमलावर को काबू कर लिया.
UAE के अटॉर्नी जनरल कार्यालय के मुताबिक, हमलावर को काबू किए जाने के बाद रिजर्व क्रू ने विमान की कमान संभाली. इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. Flightradar24 के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब के ऊपर विमान 30 सेकंड से भी कम समय में 14 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था. शुरुआती जांच के बाद सऊदी अधिकारियों ने को-पायलट को UAE के हवाले कर दिया. UAE ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है. हमले में घायल मछार का अबू धाबी में इलाज चल रहा है और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है.
को-पायलट के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ओमान ने पहले उसे विमान उड़ाने से रोक दिया था. उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर चिंता जताई गई थी. हालांकि, बाद में उसे फ्लाईदुबई में नौकरी मिल गई. अभी यह साफ नहीं है कि फ्लाईदुबई को हमाम के पुराने रिकॉर्ड और विमान उड़ाने पर लगी रोक के बारे में जानकारी थी या नहीं. साथ ही, नौकरी देने से पहले उसकी कितनी जांच की गई थी, यह भी स्पष्ट नहीं है.
पीएम मोदी ने भी की थी मछार से बात
इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल के जरिए स्मित मछार से बात की थी. उन्होंने हमले के दौरान तेजी से फैसले लेने और यात्रियों की जान बचाने के लिए पायलट की तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा कि मछार ने कुछ ही पलों में कई फैसले लिए और कई लोगों की जान बचाई. उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश को उनकी बहादुरी पर गर्व है. बातचीत के दौरान मछार भावुक हो गए. उन्होंने पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया. मछार ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें उनसे बात करने का मौका मिलेगा. उन्होंने यह भी बताया कि हमले के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया था. मुश्किल हालात में वह ऐसा करते हैं.