अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि 'ईरान उनकी लगभग सभी शर्तें मानने को तैयार हो गया है'. एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और ईरान अमेरिका की सभी मांगें मान चुका है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की कोशिशें अभी शुरुआती दौर में हैं.
ट्रंप ने बातचीत के साथ हालिया सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि ईरान सैन्य मोर्चे पर काफी कमजोर हो चुका है, उसके पास अब कुछ ही मिसाइलें बची हैं. ट्रंप के मुताबिक, हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई बार जवाबी कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि एक ड्रोन से जहाज को निशाना बनाने की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना ने लगातार हमले किए.
यह बयान ऐसे समय आया है, जब कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच दो दिन तक अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीधे आमने-सामने बात नहीं की, बल्कि कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अपने-अपने संदेश पहुंचाए. रॉयटर्स के मुताबिक, इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही और ईरान की रुकी हुई धनराशि को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. हालांकि स्थायी शांति को लेकर कोई बड़ा समझौता सामने नहीं आया.
परमाणु कार्यक्रम पर अलग-अलग दावे
वाशिंगटन में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की दिशा में अच्छी प्रगति हो रही है, बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है. वहीं रॉयटर्स के सूत्रों का कहना है कि दोहा में हुई हालिया बैठक में परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई, क्योंकि यह बातचीत पूरी तरह तकनीकी मामलों पर केंद्रित थी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी साफ किया कि परमाणु कार्यक्रम पर विस्तार से बातचीत अगले दौर में की जाएगी.
कतर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अगली बातचीत ईरान में चल रहे जनाजे से जुड़े कार्यक्रमों के बाद होगी. मंत्रालय ने यह भी कहा कि जून में हुए अंतरिम समझौते के बाद बातचीत आगे बढ़ी है और हालिया दौर में कुछ मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है. अब अगली बैठक में दोनों पक्ष बाकी अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे.