बांग्लादेश की राजधानी ढाका से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां के वारी इलाके से सोमवार रात 27 साल के एक हिंदू लॉ स्टूडेंट का कथित तौर पर अपहरण किया गया था. आरोप है कि किडनैपर्स उसे एक घर में बंधक बनाकर ले गए, बेरहमी से पीटा और छोड़ने के बदले 50 हजार टका की फिरौती मांगी. पीड़ित किसी तरह वहां से भाग निकला. फिलहाल उसका इलाज ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में चल रहा है.
पीड़ित सुभाष देउरी ओल्ड ढाका के सेंट्रल लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर के छात्र हैं. वह जरूरत पड़ने पर जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के केंद्रीय मंदिर में पूजा-पाठ में भी सहयोग करते थे. रिश्तेदारों के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे वह रिक्शे से स्वामीबाग इलाके में पहुंचे थे. इसी दौरान कुछ लोगों ने सुभाष का अपहरण कर लिया और उन्हें एक घर में बंधक बना लिया.
50 हजार टका की फिरौती मांगी
बांग्लादेशी मीडिया संस्थान 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, सुभाष के रिश्तेदार दीपू बर्मन ने बताया कि किडनैपर्स ने पहले उसकी जमकर पिटाई की और फिर परिवार से 50 हजार टका की फिरौती मांगी. परिवार ने 20 हजार टका दे भी दिए थे, जबकि बाकी की रकम अगली सुबह देनी थी. इस टॉर्चर के दौरान सुभाष को गंभीर चोटें आईं.
मंगलवार सुबह सुभाष किसी तरह वहां से भाग निकला. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने बिल्डिंग के एक हिस्से से नीचे छलांग लगाई, जिससे उनके पैर और कूल्हे की हड्डी टूट गई. इसके बाद वह अपने रूममेट तक पहुंचे, जिन्होंने उन्हें तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी सर्जरी करनी पड़ेगी.
पुलिस के मुताबिक, छात्र ने शिकायत में बताया कि उसे स्वामीबाग के एक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. मामले की जांच की जा रही है. दूसरी ओर, मंदिर समिति के सदस्य ने साफ किया कि सुभाष मंदिर का स्थायी पुजारी नहीं है. वह सिर्फ जरूरत पड़ने पर धार्मिक अनुष्ठानों में सहयोग करता था. इस घटना का मंदिर से कोई संबंध नहीं है.