उत्तर 24 परगना में खड़दह पुलिस स्टेशन से बैरकपुर सब-डिविजन कोर्ट ले जाते समय पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ डे को निशाना बनाकर अंडा फेंका गया. इस दौरान स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'चोर' के नारे लगाए.
सोमनाथ डे को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था और आज तड़के उन्हें कोलकाता लाया गया. डे उस समय टीएमसी पार्षद थे और आरजी कर रेप और मर्डर केस में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं. आरोप है कि उन्होंने पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन निर्मल घोष के साथ मिलकर आरजी कर पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया था.
सोमनाथ को गुरुवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, जब से अंतिम संस्कार से जुड़े मामले की जांच शुरू हुई थी, तब से डे फरार थे. बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमनाथ डे को गुरुवार तड़के बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया. फिलहाल वह पुलिस हिरासत में हैं और ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें पश्चिम बंगाल लाया जाएगा. इसके बाद उन्हें बैरकपुर की अदालत में पेश किया जाएगा. अभियोजन पक्ष पूछताछ के लिए उनकी पुलिस हिरासत की मांग कर सकता है.
ये लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में सोमनाथ डे तीसरे आरोपी हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले पानीहाटी के पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को कथित साजिश के मामले में गिरफ्तार किया गया था. दोनों को बाद में जमानत मिल गई. पीड़िता के पिता की शिकायत पर खड़दह पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी. पुलिस ने निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे को इस मामले में तीन मुख्य आरोपी बताया था. परिवार का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया गया, जिससे दूसरे पोस्टमार्टम को रोकने और सबूत छिपाने की आशंका पैदा हुई.
परिजनों ने लगाया था आरोप
पुलिस के मुताबिक, शव को खड़दह पुलिस स्टेशन के तहत उत्तर 24 परगना के पानीहाटी स्थित श्मशान घाट ले जाकर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया गया. आरोप है कि कतार में पहले से मौजूद दो शवों को पीछे करके पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार कराया गया. जांच में अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों पर भी सवाल उठे हैं. परिवार का कहना है कि ये हस्ताक्षर पीड़िता के माता-पिता या करीबी रिश्तेदारों के नहीं थे.
यह मामला आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर के रेप और हत्या की CBI जांच से अलग है. 9 अगस्त 2024 की सुबह 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार रूम में मिला था. जांच में सामने आया कि पिछली रात उसके साथ रेप और हत्या की गई थी.
(इनपुट- Dipak Debnath)