बंगाल के बरुईपुर रेप मामले के मुख्य आरोपी प्रबाश मंडल को बुधवार तड़के पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया है. बताया जा रहा है कि पुलिस टीम मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को आरोपी को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए ले गई थी, इसी दौरान आरोपी ने अचानक एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर पुलिस टीम पर एक राउंड गोली चला दी और मौके से भागने की कोशिश की. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से की गई फायरिंग के दौरान आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत बारूईपुर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:45 बजे बरुईपुर थाना प्रकरण संख्या 1350/26 के जांच अधिकारी ने अपनी टीम के साथ आरोपी प्रभास मंडल को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए सुरज्यापुर हाट लेकर पहुंची थी. पुलिस वहां अपराध के घटनाक्रम का री-क्रिएशन शुरू ही करने वाली थी कि तभी शातिर आरोपी प्रभास ने ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी की गन पर झपट्टा मारकर उसे छीन लिया.
पुलिस का कहना है कि हथियार छीनने के तुरंत बाद आरोपी प्रभास मंडल ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए एक राउंड फायरिंग कर दी और वहां से भागने लगा. पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में तुरंत जवाबी फायरिंग शुरू कर दी. इस आमने-सामने की मुठभेड़ में प्रभास मंडल को गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से जख्मी होकर वहीं गिर पड़ा.
मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस कर्मियों ने घायल आरोपी प्रभास को बिना समय गंवाए बारूईपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मौजूद डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया. पुलिस प्रशासन ने इस एनकाउंटर की घटना के बाद आगे की जरूरी वैधानिक और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
4 जुलाई को लापता हुई थी लड़की
बता दें कि मारा गया आरोपी प्रभास मंडल उस नाबालिग लड़की के रेप और मर्डर के आरोपियों में से एक था जो चार जुलाई से लापता थी. अगले दिन सूरज्यापुर हाट इलाके में एक बोरे के अंदर से बच्ची का शव बरामद हुआ था, जिसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था. नाराज ग्रामीणों ने बारुईपुर-जयनगर रोड जाम कर दिया था, टायरों में आग लगा दी थी और पुलिस के वाहनों में भारी तोड़फोड़ की थी.
लापता लड़की का शव मिलने के कुछ घंटों बाद उग्र भीड़ ने इस अपराध में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) कर दी थी, जिसकी पहचान बाद में इंद्रजीत मोंडोल के रूप में हुई. पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की विस्तृत और गहनता से जांच करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक 6 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया गया.
लापरवाही पाई गई तो होगी कार्रवाई: CM
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दक्षिण 24 परगना के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि यदि शिकायत दर्ज होने के बाद जांच में एक प्रतिशत भी लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति, पुलिस वाहनों और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने वाले करीब 200 लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, लिंचिंग का शिकार हुआ इंद्रजीत मंडल पूरी तरह बेकसूर था और उसकी हत्या करने वालों पर मर्डर (हत्या) का केस चलाया जाएगा. पीड़ित परिवार की मांग पर सीएम ने सूरज्यपुर में एक पुलिस चौकी स्थापित करने का वादा किया है. उन्होंने कहा कि मुआवजा और अन्य सहायता राशि की घोषणा वे एक हफ्ते के अंदर दोनों प्रभावित परिवारों से दोबारा मिलने के बाद करेंगे.
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इस हिंसा को भड़काने के पीछे विपक्षी दलों से जुड़े लोग और 'उग्र व राष्ट्रविरोधी ताकतें' शामिल थीं, जिनके खिलाफ कॉल रिकॉर्डिंग समेत कई पुख्ता सबूत जांचकर्ताओं ने जुटाए हैं. बाद में मुख्यमंत्री ने हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर राज्य प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था. दोनों मृतकों के परिवारों ने मुख्यमंत्री के न्याय के आश्वासन पर पूरी संतुष्टि जताई है.