उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल भारतीय संस्कृति, आस्था और विकास के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग बाबरी ढांचे का समर्थन करते हैं, उन्हें भारत की आस्था की चिंता नहीं होती और वे भाजपा का विरोध करते-करते देश का भी विरोध करने लगते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कुछ लोग कथित लैंड जिहाद और लव जिहाद का समर्थन करते हैं, तब उन्हें न उत्तर प्रदेश की आस्था की चिंता होती है और न ही देश की भावनाओं की. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए समाज को गुमराह करने का प्रयास करते हैं.
अयोध्या और काशी का विकास किया
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या और काशी में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले तक किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि काशी विश्वनाथ धाम इतना भव्य स्वरूप ले लेगा. उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और पूरी नगरी का विकास इस तरह हुआ है कि लोगों को त्रेता युग की याद आ जाती है. उनके अनुसार, यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है.
समाजवादी पार्टी पर जमकर बरसे
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पिछली सरकारें माफियाओं को संरक्षण देती थीं. उनका आरोप था कि उस समय अलग-अलग जिलों में अपराधियों के जरिए अवैध हथियार और बम बनवाए जाते थे, जबकि वर्तमान सरकार अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज देश की प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्रह्मोस मिसाइल जैसे अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण कर रहा है और रक्षा क्षेत्र में लगातार आत्मनिर्भर बन रहा है.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा हो सकता है, लेकिन विरोध के नाम पर देश के हितों और राष्ट्रीय आस्था के खिलाफ माहौल बनाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री के इन बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.