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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर किया भद्दा पोस्ट, गिरफ्तार हुए इरशाद का जिम सील

अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन मामले पर सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार युवक पर अब प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई है. बलिया में जिला प्रशासन ने दस्तावेजों और अग्नि सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने के बाद उसके जिम को सील कर दिया. मामले ने कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है.  

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर किया भद्दा पोस्ट , इरशाद गिरफ्तार (Photo: itg)
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर किया भद्दा पोस्ट , इरशाद गिरफ्तार (Photo: itg)

उत्तर प्रदेश के बलिया में सोशल मीडिया पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार युवक के खिलाफ प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. जिला प्रशासन ने मंगलवार को शहर के गढ़वार रोड स्थित उसके जिम को सील कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिम के संचालन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले और अग्नि सुरक्षा संबंधी मानकों का भी पालन नहीं किया गया था.

सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा ने बताया कि प्रशासन, पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने जिम का निरीक्षण किया. जांच के दौरान संचालक से लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके अलावा जिम भवन के बेसमेंट में संचालित हो रहा था और वहां अनिवार्य फायर एक्टिंग्यूशर भी उपलब्ध नहीं थे. इन कमियों के आधार पर प्रशासन ने जिम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया.

इससे पहले रविवार को परमंदापुर निवासी 28 साल के इरशाद अली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ता विवेक कुमार पाठक ने आरोप लगाया था कि इरशाद ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक कमेंट किया था. शिकायत में कहा गया कि पोस्ट का उद्देश्य करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाना, भ्रम फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना था.

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बलिया के पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के अनुसार, पुलिस ने सोमवार को इरशाद अली को गिरफ्तार कर लिया था. मामले में आगे की जांच जारी है.

उधर, राम मंदिर चढ़ावा गबन का मामला प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन का आरोप लगाया था. इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. एसआईटी की प्रारंभिक जांच में चढ़ावे के प्रबंधन में कई गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी.

 
 
 

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