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यूपी में EV चार्जिंग होगी सस्ती, योगी सरकार ने सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट का किया ऐलान

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के उन राज्यों में शामिल है जहां बिजली की दरें सबसे कम हैं.

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यूपी के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. (File Photo- PTI)
यूपी के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. (File Photo- PTI)

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित सोलर आवर्स के दौरान ईवी चार्जिंग पर 20 प्रतिशत टैरिफ छूट दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल में भी तेजी आएगी.

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा.

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता हितों के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. उन्होंने कहा कि लगातार सातवें वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा बिजली दरें यथावत रखी गई हैं, जिससे गरीब, किसान, घरेलू और अन्य उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी.

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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के उन राज्यों में शामिल है जहां बिजली की दरें सबसे कम हैं और बिजली आपूर्ति सबसे बेहतर मानी जा रही है. हाल ही में प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया है.

ऊर्जा मंत्री के अनुसार, पहले की सरकारों के समय प्रदेश में तापीय बिजली उत्पादन लगभग 5,180 मेगावाट तक सीमित था, जबकि अब केवल सौर ऊर्जा से ही इससे अधिक उत्पादन की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. वर्तमान में करीब 4,000 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत लगभग 2,500 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.

इसके अलावा मिर्जापुर, मेजा और अन्य क्षेत्रों में नई तापीय विद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. सरकार ने पुराने तापीय बिजली संयंत्रों की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार किया है. पहले जहां ये संयंत्र करीब 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) पर संचालित होते थे, वहीं अब उनकी दक्षता बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है.

अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश आने वाले समय में बिजली उत्पादन, हरित ऊर्जा और निर्बाध आपूर्ति के क्षेत्र में देश के लिए मॉडल स्टेट के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा.

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