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68 तीर्थ, 19 कुएं और इतिहास... पुराने रंग में लौटेगा संभल का अकर्ममोचन, QR कोड बताएगा पूरी कहानी

संभल में अकर्ममोचन नाम के पुराने कुएं को दुरुस्त कराने का काम शुरू हो गया है. प्रशासन के मुताबिक, इस पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होंगे. संभल के 68 तीर्थों और 19 पुराने कुओं के पास QR कोड वाले बोर्ड लगाने की भी तैयारी है. मोबाइल से कोड स्कैन करते ही लोगों को उस जगह के बारे में जानकारी और वहां पहुंचने का रास्ता मिल सकेगा.

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संभल के 68 तीर्थों तक आसानी से पहुंच सकेंगे टूरिस्ट. (Photo: ITG)
संभल के 68 तीर्थों तक आसानी से पहुंच सकेंगे टूरिस्ट. (Photo: ITG)

किसी पुराने कुएं के पास से गुजरें और मन में सवाल आए कि आखिर यह कितना पुराना है, इसकी कहानी क्या है और यहां तक कैसे पहुंचें? संभल में प्रशासन अब इन सवालों के जवाब मोबाइल पर देने की तैयारी कर रहा है. यहां के पुराने तीर्थों और कुओं के पास QR कोड वाले बोर्ड लगाए जाएंगे. मोबाइल से कोड स्कैन करते ही उस जगह के बारे में जानकारी मिलेगी. साथ ही, वहां पहुंचने का रास्ता भी पता चल सकेगा.

इस बीच संभल शहर में अकर्ममोचन नाम के पुराने कुएं को ठीक करने का काम शुरू हो गया है. प्रशासन के मुताबिक, कुएं के आसपास बनी दुकानों के कुछ हिस्से हटवाए गए हैं और रास्ते से भी कब्जा हटाया गया है. इसके बाद डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. इस कुएं को ठीक करने और आसपास की जगह को बेहतर बनाने पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.

अकर्ममोचन नाम का यह कुआं संभल शहर के बीच बाजार में है. प्रशासन इसे बहुत पुराना और धार्मिक मान्यता से जुड़ा हुआ मानता है. प्रशासन के मुताबिक, कुएं तक जाने वाले रास्ते और उसके आसपास कुछ दुकानें बनी हुई थीं. इनमें से कुछ हिस्सों को हटवाया गया है. दुकानों को दूसरी जगह ले जाने की बात भी कही गई है. अब यहां कुएं को ठीक करने और उसके आसपास की जगह को बेहतर बनाने का काम शुरू किया गया है. इसके लिए करीब 10 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है.

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Sambhal Ancient Well Restoration Begins QR Codes Help Visitors Find Historic Sites

मोबाइल से स्कैन करते ही खुलेगी कुएं की कहानी

इस पूरी योजना में एक खास बात है. संभल आने वाले लोगों को पुराने तीर्थों और कुओं के बारे में जानने के लिए किसी से पूछते हुए भटकना न पड़े, इसलिए प्रशासन QR कोड वाले बोर्ड लगाने की तैयारी कर रहा है.

इन बोर्ड पर एक कोड होगा. लोग अपने मोबाइल के कैमरे से उसे स्कैन करेंगे, तो उस जगह के बारे में जानकारी मिल सकेगी. साथ ही, मोबाइल पर नक्शा भी खुलेगा, जिससे वहां तक पहुंचने का रास्ता पता चल सकेगा.

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यानी कोई व्यक्ति संभल घूमने आए और किसी पुराने कुएं या तीर्थ को देखना चाहे, तो उसे उसका पता खोजने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी. वह मोबाइल पर उसकी जानकारी पढ़ सकेगा और रास्ता भी देख सकेगा. प्रशासन की योजना है कि सभी जगहों पर एक जैसे बोर्ड लगाए जाएं. इसके अलावा, संभल के पुराने तीर्थों और कुओं की जानकारी देने के लिए मोबाइल ऐप और वेबसाइट बनाने की तैयारी भी की जा रही है. 

प्रशासन के मुताबिक, संभल में 68 तीर्थ और 19 पुराने कुएं हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यता से जुड़ा माना जाता है. इन जगहों को ठीक करने और बेहतर बनाने का काम चल रहा है. डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फिलहाल करीब 25 से 26 जगहों पर काम किया जा रहा है.

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कोशिश है कि ये काम दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएं. उन्होंने बताया कि इन जगहों पर जानकारी देने वाले बोर्ड लगाने की मंजूरी भी सरकार से मिल गई है. इन बोर्ड पर QR कोड होगा, जिसे स्कैन करके लोग संबंधित जगह के बारे में जान सकेंगे और वहां पहुंचने का रास्ता भी देख सकेंगे.

घूमने आने वालों को क्या फायदा होगा?

अगर यह योजना ठीक से लागू होती है, तो संभल आने वाले लोगों के लिए पुराने तीर्थों और कुओं को ढूंढना आसान हो सकता है. उन्हें हर जगह का पता पूछने की जरूरत कम पड़ेगी. मोबाइल पर ही उस जगह की कहानी और वहां जाने का रास्ता मिल सकेगा. फिलहाल, अकर्ममोचन कुएं को ठीक करने का काम शुरू हो गया है.

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