
UP News: सहारनपुर के जिला महिला अस्पताल से चोरी हुए नवजात को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस ने आरोपी महिला आशु को भी गिरफ्तार कर लिया है. 23 सितंबर की देर रात पुलिस ने आरोपी महिला को पकड़ा, जिसके बाद नवजात की महिला अस्पताल में भर्ती उसकी मां शबाना से पहचान कराई गई. पहचान के बाद बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ में आरोपी महिला ने संतान नहीं होने के चलते नवजात को चोरी करने की बात स्वीकार की है.
रेकी कर बनी फर्जी नर्स
21 सितंबर को देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम अपने नवजात बच्चे को टीका लगवाने के लिए ले जा रहा था. ऑपरेशन थिएटर के पास एक महिला ने खुद को अस्पताल का स्टाफ बताते हुए उससे बच्चा ले लिया और टीके का कार्ड लेने के लिए नाजिम को वार्ड में भेज दिया. नाजिम जब वापस लौटा तो महिला और बच्चा दोनों गायब थे.
250+ CCTV और 18 पुलिसकर्मियों की टीम
सूचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. थाना जनकपुरी और एसओजी की छह टीमें आरोपी की तलाश में लगाई गईं और 250 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए.
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला लगातार अपने वाहन बदल रही थी. उसने बस, टेंपो, बाइक और ई-रिक्शा समेत कई वाहनों का इस्तेमाल किया, ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन न मिल सके. करीब 18 पुलिसकर्मी लगातार सीसीटीवी फुटेज पर नजर रखे हुए थे.
पुलिस को महिला की आखिरी लोकेशन हरिद्वार के बहादराबाद में एक अस्पताल के बाहर मिली. इसके बाद पुलिस को लगातार कड़ियां मिलती गईं और 23 सितंबर की देर रात आरोपी आशु को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के मुताबिक, महिला ने बच्चे के पुराने कपड़े और दूध की बोतल भी खरीदी थी और उसे एक निजी अस्पताल में दिखाया था. इस दौरान उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया और अस्पताल से पहना हुआ स्टाफ नर्स का कोट भी जला दिया.
पूछताछ में आरोपी महिला की पूरी कहानी सामने आई. तीतरों कस्बा निवासी आशु की शादी फतेहपुर थाना क्षेत्र के सोनू से हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं. पारिवारिक विवाद के बाद वह भगवानपुर की एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगी, जहां उसकी मुलाकात अंकुर नाम के युवक से हुई.
दोनों करीब पांच साल तक साथ रहे, लेकिन संतान नहीं होने के कारण युवक ने उससे दूरी बना ली. इसके बाद आशु ने रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों को खुद के मां बनने की बात कहकर भ्रमित करना शुरू कर दिया.
मैसेज भेजकर घर में सजाए थे गुब्बारे
उसने जिला महिला अस्पताल की कई दिनों तक रेकी की और स्टाफ जैसी ड्रेस की व्यवस्था की. नवजात चोरी करने के बाद वह बहादराबाद पहुंची और फैमिली ग्रुप में मैसेज कर अपने बेटा होने की जानकारी दी. इसके बाद परिजनों ने घर सजाकर खुशी मनाई और पड़ोसियों को भी बताया कि आशु के बेटा हुआ है.

पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.