उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रहने वाली शाजिया ने घर से साबुन बनाने का काम शुरू कर अपनी अलग पहचान बनाई है. करीब दो साल पहले शुरू हुआ उनका यह छोटा-सा प्रयास अब कारोबार का रूप ले चुका है. शाजिया एलोवेरा, नीम, गुलाब, राइस, शहद, केसर, चारकोल और मुल्तानी मिट्टी समेत करीब 20 तरह के साबुन तैयार कर रही हैं. उनके उत्पादों की कीमत 50 रुपये से शुरू होती है. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑर्डर मिल रहे हैं. स्किन प्रॉब्लम से आया साबुन बनाने का विचार...
खाताखेड़ी की रहने वाली शाजिया के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले साबुन इस्तेमाल करने के बाद उनकी त्वचा काफी रूखी हो जाती थी. नहाने और चेहरा धोने के तुरंत बाद उन्हें बॉडी लोशन लगाना पड़ता था. इसी परेशानी ने उन्हें साबुन के दूसरे विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया.
शाजिया ने प्राकृतिक सामग्री से साबुन बनाने के बारे में जानकारी जुटाई और कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण लिया. वहां उन्हें एलोवेरा और मुल्तानी मिट्टी से साबुन बनाना सिखाया गया. इसके बाद उन्होंने खुद प्रयोग किए और धीरे-धीरे अलग-अलग तरह के साबुन तैयार करने लगीं.
परिवार और पड़ोस के लोगों से की शुरुआत
प्रशिक्षण के बाद शाजिया ने सबसे पहले मुल्तानी मिट्टी का साबुन बनाया. उन्होंने अपने परिवार और आसपास के लोगों को इसे इस्तेमाल करने के लिए दिया. लोगों को साबुन पसंद आया तो उन्हें दोबारा ऑर्डर मिलने लगे.
शाजिया बताती हैं कि शुरुआत में उनका उद्देश्य ज्यादा मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाना था. उन्होंने कीमत भी ऐसी रखी, जिसे उनके आसपास के लोग आसानी से चुका सकें. धीरे-धीरे ग्राहकों की पसंद के मुताबिक साबुन तैयार करने लगीं. अब कई ग्राहक अपनी पसंद का साबुन खत्म होने पर दोबारा ऑर्डर देते हैं.
20 तरह के साबुन, 50 रुपये से शुरू होती है कीमत
शाजिया अब करीब 20 तरह के साबुन तैयार करती हैं. इनमें एलोवेरा, नीम, गुलाब, राइस, शहद, केसर, चारकोल और मुल्तानी मिट्टी जैसे विकल्प शामिल हैं. साबुन बनाने में वह ग्लिसरीन, गुलाब जल, मिल्क बेस, गोट मिल्क बेस, मिल्क पाउडर, विटामिन सी और अन्य सामग्री का इस्तेमाल करती हैं.
उनके उत्पादों की शुरुआती कीमत 50 रुपये है. शाजिया का कहना है कि वह चाहती थीं कि उनके बनाए साबुन स्थानीय लोगों की पहुंच में रहें. ग्राहकों की पसंद और बार-बार मिलने वाले ऑर्डर ने उन्हें इस काम को आगे बढ़ाने का हौसला दिया.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से देशभर में पहुंच रहे उत्पाद
शाजिया अब अपने साबुन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बेच रही हैं. वह इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपने उत्पादों के वीडियो साझा करती हैं. उनके मुताबिक, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसे प्लेटफॉर्म पर भी उनके उत्पाद उपलब्ध हैं.
शाजिया को दिल्ली, कश्मीर और हैदराबाद समेत अलग-अलग जगहों से ऑर्डर मिल चुके हैं. उनके लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब ग्राहक साबुन इस्तेमाल करने के बाद दोबारा ऑर्डर देते हैं. देखें VIDEO:-
ट्रेनिंग और मेहनत से आगे बढ़ने की कोशिश
शाजिया की कहानी दिखाती है कि प्रशिक्षण, लगातार प्रयास और ग्राहकों की जरूरत समझकर घर से भी छोटा कारोबार शुरू किया जा सकता है. उनका काम अभी आगे बढ़ने के दौर में है और वह अपने उत्पादों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं.
हालांकि, साबुन की क्वालिटी और त्वचा पर उसके असर से जुड़े दावों को वास्तविक सामग्री और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही प्रस्तुत करना जरूरी है. किसी उत्पाद को पूरी तरह केमिकल-फ्री या त्वचा की समस्या का इलाज बताने से पहले उसके घटकों और गुणों की पुष्टि होनी चाहिए.