यूपी के इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में 20,000 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला हुआ है. इसमें कीमती धातुएं, गहने और रत्न चोरी हुए हैं. साथ ही इस कांड में कई बड़े नाम भी जुड़े हैं.
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भक्तों ने हजारों करोड़ रुपये का सोना, चांदी और हीरे दान किए थे, लेकिन किसी को नहीं पता कि उन दान की गई चीज़ों का क्या हुआ. रामगोपाल यादव ने कहा, "यह 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला है जिसमें बड़े-बड़े नाम शामिल हैं. लोगों ने करोड़ों रुपये, सोना और हीरे दान किए, लेकिन आज किसी को नहीं पता कि उनका क्या हुआ."
रामगोपाल का ये बयान अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में 25 जून को FIR दर्ज होने के बाद आया है. वहीं, अखिलेश यादव के जन्मदिन को लेकर उन्होंने कहा कि आज बस यही कहना चाहता हूं कि इस भ्रष्टाचार शासन से जनता ऊब चुकी है और अखिलेश अकेले हैं जो इस दमन अत्याचारी शासन से मुक्ति दिला सकते हैं.
सपा मुखिया के 53वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए रामगोपाल ने कहा कि वह शतायु हो और 2027 के चुनाव में इस भ्रष्टाचारी सरकार को हटाकर मुख्यमंत्री बनें. जनता भी अब सपा सरकार को याद कर रही है. रोजगार है नहीं, करप्शन बढ़ता जा रहा है और इस सरकार में कोई सुनवाई नहीं है.
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है. एफआईआर दर्ज होने के बाद आठों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. मामला तब खुला जब सीसीटीवी फुटेज और जांच के दौरान चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी पाई गई. मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी सुरक्षाकर्मी और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई मूल्यवान वस्तुएं और नगदी बरामद कर ली है. इस घटना के बाद राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा और ऑडिट व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है.