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UP: मदरसे पर हजारों हिंदू युवक-युवतियों के धर्मांतरण का आरोप, जांच के लिए SIT का गठन

मुजफ्फरनगर के फुलत स्थित मदरसा दारुल उलूम रहिमिया पर महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने हजारों हिंदू युवक-युवतियों के कथित धर्मांतरण और करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की है. वहीं, मुजफ्फरनगर पुलिस ने एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में LIU, IB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच टीम गठित की है. पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी.

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मामला मुजफ्फरनगर जिले के फुलत गांव का है. Photo ITG
मामला मुजफ्फरनगर जिले के फुलत गांव का है. Photo ITG

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत गांव स्थित मदरसा दारुल उलूम रहिमिया पर योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज द्वारा लगाए गए कथित धर्मांतरण के आरोपों के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आरोपों के सामने आने के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है. वहीं स्वामी यशवीर ने राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा न जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है.

हजारों हिंदू युवक-युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
स्वामी यशवीर जी महाराज ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में दावा किया कि फुलत स्थित मदरसे में पिछले 20 से 25 वर्षों से बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान हजारों हिंदू युवक-युवतियों का धर्म परिवर्तन कराया गया. उनका दावा है कि धर्मांतरण के बाद कई हिंदू लड़कियों की शादी मुस्लिम युवकों से और हिंदू युवकों की शादी मुस्लिम लड़कियों से कराई गई.

500 से 600 करोड़ रुपये की संपत्ति का दावा
स्वामी यशवीर ने मदरसा संचालकों पर आर्थिक अनियमितताओं के भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मदरसा चलाने वाले मौलाना और उनके परिवार के पास कथित तौर पर 500 से 600 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने उनकी संपत्ति की जांच, नार्को टेस्ट और कथित धर्मांतरण से जुड़े लोगों की भी जांच कराने की मांग की. स्वामी यशवीर ने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो वह हिंदू समाज के साथ मदरसे के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और फिलहाल मामला जांच के अधीन है.

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टीम गठित हुई
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने जांच के लिए एक संयुक्त टीम गठित कर दी है. एसएसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेते हुए एसपी ग्रामीण (SPRA) के नेतृत्व में टीम बनाई गई है. इस टीम में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), अन्य खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ सीओ बुढ़ाना को भी शामिल किया गया है.

संजय कुमार वर्मा ने कहा कि संयुक्त टीम पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगी. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी.

मामले को लेकर जिले में चर्चा का माहौल है. फिलहाल पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी.

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