क्रिकेट की पिच पर अपनी तेज गेंदों से विरोधी बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले मोहम्मद शमी जब अचानक दिल्ली में जयंत चौधरी से मिलने पहुंचे, तो यूपी की सियासत में हलचल तेज हो गई. दोनों की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद 2027 के यूपी चुनाव से जोड़कर कई तरह के कयास लगाए गए. अब RLD की तरफ से इस मुलाकात की वजह बताई गई है.
सियासी चर्चाओं के बीच RLD के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने सामने आकर स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की मुलाकात का कोई राजनीतिक मतलब नहीं था. जयंत चौधरी ने अपनी सांसद निधि से अमरोहा में खेल सुविधाओं के लिए 1.5 करोड़ रुपये दिए हैं, शमी बस इसी का शुक्रिया अदा करने पहुंचे थे.
'मुलाकात के राजनीतिक मायने निकालना गलत'
रोहित अग्रवाल ने कहा कि शमी देश के बड़े खिलाड़ियों में हैं. उन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है. ऐसे में जयंत चौधरी से उनकी मुलाकात को सीधे राजनीति से जोड़ना सही नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर शमी भविष्य में चुनाव लड़ना चाहें तो इसमें किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए. यानी RLD ने इस संभावना को लेकर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन मौजूदा मुलाकात को चुनावी बातचीत के तौर पर पेश नहीं किया.
फिर अमरोहा सीट की चर्चा क्यों?
शमी अमरोहा के सहसपुर अलीनगर के रहने वाले हैं. यही वजह है कि जयंत चौधरी से उनकी मुलाकात के बाद अमरोहा सदर सीट चर्चा में आ गई. RLD सूत्रों ने शमी या उनके बड़े भाई को इस सीट से चुनाव लड़ाने को लेकर बातचीत की बात कही है. हालांकि, दोनों तरफ से इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अमरोहा सदर सीट पर महबूब अली 2002 से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं. 2022 में भी उन्होंने बीजेपी के राम सिंह को हराया था. इसी वजह से शमी के नाम की चर्चा को इस सीट के सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है.
फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि मुलाकात हुई है, उस पर RLD ने खेल से जुड़ा कारण बताया है. शमी खुद चुनाव लड़ेंगे, उनके भाई मैदान में उतरेंगे या राजनीति की कोई योजना ही नहीं है, इस पर अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. इसलिए फिलहाल इसे एक मुलाकात, उसके बाद उठे राजनीतिक कयास और RLD की सफाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए.