जयंत चौधरी, राजनेता
चौधरी जयंत सिंह (Chaudhary Jayant Singh) एक राजनीतिज्ञ हैं. वे राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और 15वीं लोकसभा में उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिला से संसद सदस्य थे (MP, Mathura). वह भारत के पूर्व प्रधान मंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह के पुत्र हैं (Jayant Chaudhary Grandson of Chaudhary Charan Singh). 2024 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में पहली बार कैबिनेट राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए.
वह भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर प्रमुख प्रस्तावकों में से एक थे और उन्होंने लोकसभा में भूमि अधिग्रहण पर एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया था. जयंत सिंह चौधरी वाणिज्य पर स्थायी समिति, वित्त पर सलाहकार समिति, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), और सरकारी आश्वासनों की समिति के सदस्य थे. उन्होंने पहले कृषि और वित्त पर स्थायी समितियों के साथ-साथ आचार समिति में भी काम किया है. जयंत ने 2014 के भारतीय आम चुनाव में मथुरा से दोबारा चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा उम्मीदवार हेमा मालिनी के खिलाफ अपनी सीट हार गए. जयंत चौधरी फिक्की इंडो-ब्रिटिश फोरम ऑफ पार्लियामेंटर्स के सह-अध्यक्ष और इंडो-वेनेजुएला पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप के सदस्य थे (Jayant Chaudhary Political Career)
जयंत चौधरी का जन्म 27 दिसंबर 1978 को हुआ था (Jayant Chaudhary Date of Birth). वे चौधरी अजीत सिंह और राधिका सिंह के बेटे हैं (Jayant Chaudhary Parents). जयंत ने अपनी स्नातक की पढ़ाई श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से की और 2002 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से अकाउंटिंग एंड फाइनेंस में एमएससी किया (Jayant Chaudhary Education). जयंत की शादी चारू सिंह से हुई है (Jayant Chaudhary Wife) और इनके दो बेटियां हैं (Jayant Chaudhary Daughters).
आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के एनडीए के साथ आने से सियासी कुनबा जरूर बढ़ गया है, लेकिन बीजेपी के विधायकों की टेंशन बढ़ गई है. आरएलडी 2027 में पश्चिमी यूपी में उन तमाम सीटों पर नजर लगाए हुए हैं, जिस पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी कैसे संतुलन बनाएगी?
2027 में होने वाले यूपी चुनाव के लिए पश्चिमी यूपी में सियासी संग्राम छिड़ गया है. सपा की जाट और गुर्जर वोटों पर नजर है तो संगीत सोम और संजीव बालियान की अदावत बीजेपी के पहले से चुनौती बनी हुई है. इसके अलावा नोएडा में मजदूर आंदोलन और मेरठ में बुलडोजर एक्शन ने भी सियासी टेंशन बढ़ा दी है.
पश्चिमी यूपी में सियासी माहौल बनाने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने संयुक्त जनसभा की, जिसमें आरएलडी के मुस्लिम विधायक को जाने से एसएसपी ने रोक दिया. नो एंट्री के बाद मुस्लिम विधायक अपना परिचय देते रहे, लेकिन एक नहीं सुनी गई.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की दादरी रैली के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी की जनसभा पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में होने जा रही है. इस तरह 2027 के चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी नई राजनीतिक प्रयोगशाला बनता जा रहा है.
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का सियासी रणभूमि पश्चिमी यूपी बन रहा है, जहां से दो दिन पहले अखिलेश यादव ने चुनावी हुंकार भरी है. अखिलेश यादव पश्चिमी यूपी में गुर्जर-मुस्लिम समीकरण के सहारे जयंत चौधरी और योगी आदित्यनाथ की केमिस्ट्री को क्या चुनौती दे पाएंगे?
दिल्ली में जद (यू) के पूर्व नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोक दल जॉइन कर लिया. उन्होंने जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. इससे पहले मंगलवार को उन्होंने बिना कारण बताए जद (यू) से इस्तीफा दिया था. 2003 से पार्टी से जुड़े त्यागी महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं.
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को 18 मार्च को एक अनजान कॉल से जान से मारने की धमकी मिली. कॉल करने वाले ने हथियारों का जिक्र करते हुए डराने की कोशिश की. बाद में उसी नंबर से मैसेज और वॉइस नोट भी भेजे गए, जिनमें टूर की जानकारी और धमकी थी. जांच में कॉल करने वाला मुर्शिदाबाद का रहने वाला पाया गया. मंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को लेकर कैग की रिपोर्ट और आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट ने चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है. दिल्ली, भोपाल और गुजरात में कई कौशल विकास केंद्र या तो बंद मिले या केवल कागजों में मौजूद पाए गए. हेल्पलाइन से मिले पते पर ताले लटके थे, ट्रेनिंग और रोजगार की व्यवस्था नहीं दिखी. सवाल यह है कि युवाओं के लिए शुरू की गई योजना जमीन पर आखिर चल कहां रही है?
बिहार चुनाव के नतीजे राजनीतिक स्टैंड और समीकरण सभी पर भारी पड़ रहे हैं. बिहार पहुंचकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ SIR का विरोध कर चुके अखिलेश यादव अब यूपी में समाजवादी पार्टी नेताओं को फार्म भरवाने की हिदायत दे रहे हैं, और चेतावनी दी गई है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में जयंत चौधरी की पार्टी ने अकेले किस्मत आजमाने का फैसला किया है. जयंत चौधरी ही नहीं बीजेपी के दो और बड़े सहयोगी अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद भी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि मोदी और योगी सरकार में शामिल तीनों दल क्यों एकला चलो की राह पर हैं?
बिहार की राजनीति पर एक गरमागरम बहस में तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर तीखे हमले किए गए, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की गई. जयंत चौधरी ने कहा, 'आपकी कुर्सी में भी जाति ढूंढ लेंगे राहुल जी'.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पश्चिम यूपी के सियासी मिजाज को देखते हुए मुस्लिमों के साथ गुर्जर समीकरण पर काम शुरू कर दिया है. 2027 से पहले गुर्जर समाज को जोड़कर योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी की सियासी केमिस्ट्री को मात देने की रणनीति अपनाई है. ऐसे में देखना है कि क्या वह गुर्जर-मुस्लिम समीकरण बना पाएंगे?
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल साथ-साथ हैं. योगी सरकार में बीजेपी कोटे के मंत्री ने अपने ही गठबंधन सहयोगी आरएलडी पर निशाना साधा है.
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कांवड़ यात्रा के दौरान हो रहे उपद्रव पर कहा कि कोई भी असुरक्षित महसूस न करे और बदतमीजी न हो. उन्होंने कानून व्यवस्था मजबूत बताते हुए सभी नागरिकों के बराबरी अधिकारों पर जोर दिया. चौधरी ने दुकानों की नेम प्लेट चेकिंग को गलत करार दिया.
वाराणसी में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि पंचायत चुनाव में गठबंधन का तालमेल कठिन होता है, क्योंकि ये पार्टी सिंबल पर नहीं लड़े जाते. इसमें मेहनती कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. स्किल इंडिया सेंटर निरीक्षण के दौरान उन्होंने योगी को विकास के प्रति गंभीर नेता बताया और कहा कि अखिलेश विपक्ष में हैं, इसलिए अपनी भूमिका के तहत सरकार पर हमला करते हैं.
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने वाराणसी दौरे के दौरान कहा कि पंचायत चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़े जाते, इसलिए गठबंधन का तालमेल बनाना मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि ऐसे चुनावों में पार्टी उन कार्यकर्ताओं को मौका देती है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर मेहनत की है.
महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और अन्य राज्यों से कई प्रभावशाली नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस अवसर पर केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री एवं शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने मौजूद रहकर सभी नए नेताओं का स्वागत किया.
वक्फ बिल को लेकर पहले से ही कई मुस्लिम संगठनों में असंतोष था, लेकिन आरएलडी के समर्थन के बाद अब पार्टी के भीतर भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के वक्फ बिल को समर्थन के बाद पार्टी के कई मुस्लिम नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया था.
नमाजियों पर मेरठ पुलिस की कार्रवाई पर किए गए अपने ट्वीट को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा, 'मेरा मतलब है, पुलिस को ये नहीं कहना चाहिए कि हम पासपोर्ट ले लेंगे. प्रशासन सड़कों को खाली रखने की बात कर सकता है, लेकिन इसके लिए संवेदनशीलता के साथ समुदाय के लोगों से संवाद करना चाहिए.'
एमके स्टालिन ने बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर अपना हमला दोहराया और कहा कि यह हिंदी के विकास के उद्देश्य से बनाई गई 'भगवा नीति' है. उन्होंने आगे दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास के जरिए 'उत्तरी राज्यों में जीत हासिल करके सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है."
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने अपने सभी प्रवक्ताओं को पद से हटा दिया है. जयंत चौधरी के आदेश पर इन सभी को पद से हटाया गया है. बताया जा रहा है कि पार्टी के एक प्रवक्ता ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान की आलोचना कर दी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.