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मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: ना डिनर किया-ना नाश्ता... सजा के ऐलान से पहले मुस्कान और साहिल की उड़ी नींद, रातभर नहीं सोए दोनों

मेरठ के 'नीला ड्रम हत्याकांड' में आज सजा का ऐलान होना है, जिस पर पूरे देश की निगाहें हैं. मृतक सौरभ के परिवार ने फांसी की मांग की है. इस बीच, जेल में बंद मुस्कान और साहिल बेहद परेशान और चिंतित हैं. उन्होंने रात का खाना नहीं खाया और वे सो भी नहीं पाए. कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जब जज ने साहिल से पूछा कि क्या उसने पहले कोई अपराध किया है और वह सजा में क्या चाहता है, तो उसने बोलने से मना कर दिया.

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सौरभ हत्याकांड के दोषी मुस्कान और साहिल (File Photo)
सौरभ हत्याकांड के दोषी मुस्कान और साहिल (File Photo)

मेरठ के 'नीला ड्रम हत्याकांड' में आज (बुधवार) सजा का ऐलान होना है. दोषी करार दिए गए मुस्कान और साहिल को क्या सजा मिलती है इसपर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं. मृतक सौरभ के परिवार ने फांसी की मांग की है. इन सबके बीच मुस्कान और साहिल का जेल में क्या हाल है इसको लेकर वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि वे दोनों बेहद परेशान हैं. उन्होंने रात में डिनर भी नहीं किया और न ही सुबह नाश्ता किया. 

मुस्कान और साहिल की चिंता और परेशानी

बकौल वीरेश राज शर्मा- सजा के ऐलान से पहले दोनों दोषियों (मुस्कान और साहिल) काफी चिंतित और परेशान हैं. उन्होंने कल शाम का खाना बहुत कम खाया था और सुबह जेलर द्वारा बताए जाने के बावजूद उन्होंने ब्रेकफास्ट नहीं खाया. वे रात को सो भी नहीं पाए हैं. जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग के लिए काउंसलर को भी बुलाया जाएगा. 

रहने-सहने का तरीका

उन्होंने बताया कि मुस्कान धार्मिक गतिविधियों में ज्यादा समय बिताती है और एकांत में रहना पसंद करती है, जबकि दोनों अब अन्य बंदियों की तरह सामान्य बातचीत नहीं कर रहे हैं. स्टाफ और सीसीटीवी के माध्यम से उनकी निगरानी रखी जा रही है.   

सजा के बाद के बदलाव

सजा का आदेश आने के बाद जेल के नियम और शर्तें उन पर पूरी तरह लागू होंगी. उन्हें जेल के कपड़े पहनने होंगे और नियमों के अनुसार श्रम (काम) करना होगा. पुरुषों को सेंट्रल जेल आगरा और महिलाओं को नारी निकेतन भेजने की प्रक्रिया भविष्य में शुरू होगी.  

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 परिवार से बातचीत/मुलाकात

मुस्कान अपनी बेटी और परिवार से मिलने के लिए बहुत बेचैन है और उसने पत्र लिखने की इच्छा जताई थी, जिसके लिए उसे जेल मैन्युअल के नियमों के तहत कागज और पेन उपलब्ध कराया गया है. हालांकि, जेल के नियमों के अनुसार पति-पत्नी या रक्त संबंधियों (जैसे माता-पिता, बेटा-बेटी) के अलावा अन्य लोगों से कारागार में मुलाकात संभव नहीं होती है. 

जेल अधीक्षक ने बताया कि मुस्कान अपनी बेटी से मिलना चाहती है और उसके लिए बेचैन है. हालांकि, अब तक उससे मिलने के लिए कोई नहीं आया है. मुस्कान को बताया गया है कि यदि वह बेटी या किसी अन्य व्यक्ति को पत्र लिखना चाहती है, तो उसे इसकी अनुमति दी जा सकती है. जेल प्रशासन की प्रक्रिया के तहत उसे कागज और कलम उपलब्ध कराए जाएंगे. पत्र की सुरक्षा जांच के बाद उसे बताए गए पते पर भेजा जाएगा.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी 

गौरतलब है कि आज दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायालय में पेश किया गया. मुस्कान और साहिल दोनों से ऑनलाइन बात की गई. इस दौरान जज साहब ने साहिल से पूछा क्या तुमने पहले कोई अपराध किया है, तो उसने मना कर दिया. फिर जब जज ने पूछा कि सजा में क्या चाहते हो? तो साहिल ने कुछ भी कहने से मना कर दिया. इसपर जज ने कहा- ठीक है, जब सजा सुनाई जाएगी तब दोबारा तुम्हें जोड़ा जाएगा. 

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