27 साल की शादी... दो बड़े होते बच्चे... और एक ऐसा शक, जिसने पूरे घर का माहौल बदल दिया. अहमदाबाद के एक कारोबारी को लगने लगा कि उनकी पत्नी पहले जैसी नहीं रहीं. मोबाइल पर बढ़ती बातचीत, बार-बार घर से बाहर जाना और बदली हुई दिनचर्या ने उनके मन में कई सवाल खड़े कर दिए.
शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज किया. लेकिन जब शक लगातार गहराता गया तो उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी. कारोबारी ने बिना किसी को बताए घर में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम लगवा दिया. पति का दावा है कि कुछ दिनों तक रिकॉर्ड हुई बातचीत सुनने के बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. शिकायत के मुताबिक, इन्हीं रिकॉर्डिंग से उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी की जिम में मिले एक व्यक्ति से नजदीकियां बढ़ गई हैं. कारोबारी का आरोप है कि दोनों अक्सर फोन पर लंबी बातें करते थे और कई बार कार से राजस्थान बॉर्डर तक साथ गए. दोनों ने कार मे रोमांस भी किया.
यहीं से 27 साल पुराने रिश्ते में दरार खुलकर सामने आ गई. कारोबारी का कहना है कि उन्होंने परिवार की बचत सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर सील करवाया. इसके बाद विवाद और बढ़ गया. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लॉकर सील होने के बाद संबंधित व्यक्ति ने उन्हें फोन कर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपने और समझौता करने का दबाव बनाया. कारोबारी का दावा है कि उन्हें जान से मारने और एक करोड़ रुपये के झूठे कर्ज के मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई. जब पुलिस और साइबर क्राइम में शिकायत के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली, तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया. अहमदाबाद की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को 30 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.
27 साल पहले शुरू हुई थी साथ की कहानी
शिकायत के अनुसार, कारोबारी की शादी करीब 27 साल पहले हुई थी. दोनों के दो बच्चे हैं. परिवार सामान्य तरीके से चल रहा था. फरवरी 2025 में कारोबारी ने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पत्नी के नाम पर बैंक लॉकर खुलवाया, जिसमें गहने और नकदी रखी गई. इसी दौरान पत्नी ने जिम जाना शुरू किया. पति का दावा है कि वहीं उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और फिर यह रिश्ता कथित तौर पर प्रेम संबंध में बदल गया. कारोबारी का आरोप है कि पत्नी की दिनचर्या बदलने लगी. मोबाइल पर घंटों बातचीत, वीडियो कॉल और उनकी गैर-मौजूदगी में उस व्यक्ति का घर आना उन्हें लगातार परेशान करता रहा. पड़ोसियों और परिवार के कुछ सदस्यों ने भी कथित तौर पर इस बदलाव की ओर उनका ध्यान दिलाया. इसके बाद उन्होंने घर में गुप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम लगवाया. उनका दावा है कि रिकॉर्डिंग में हुई बातचीत से उन्हें कई ऐसी जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर उन्होंने अदालत का रुख किया.
लॉकर करवा दिया सील
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें आशंका थी कि बैंक लॉकर में रखे गहने और नकदी निकाली जा सकती है. इसलिए उन्होंने सिटी सिविल कोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर लॉकर को सील करवा दिया. कारोबारी का आरोप है कि इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं. उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम विभाग में शिकायत दी, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई. अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए साइबर क्राइम पुलिस को पूरे मामले की जांच कर 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. फिलहाल मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं. उनकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी. साइबर क्राइम पुलिस अब ऑडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी. इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी.