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दिल्ली में BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक, डोभाल ने कही बड़ी बात

रीजनल सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी, कैपेसिटी बिल्डिंग और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर नईदिल्ली में बिम्सटेक की पांचवीं बैठक हो रही है. इसमें सात देशों के सीनियर अधिकारी शामिल हुए हैं. इसकी अगुवाई अजीत डोभाल कर रहे हैं.

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल(Photo: ITG)
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल(Photo: ITG)

रीजनल सिक्योरिटी और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में भारत लगातार प्रयास कर रहा है. इसी कड़ी में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल 16 जुलाई को नई दिल्ली में 5वीं बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबानी कर रहे हैं. इस बैठक में बिम्सटेक के सभी सात सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हो रहे हैं. मीटिंग का मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में उभरती साझा सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने की रणनीति तैयार करना है.


इस हाई-लेवल शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के टॉप सिक्योरिटी अफसर एक साथ आए हैं. इस मीटिंग को भारत की उस कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके तहत बिम्सटेक मंच को केवल बातचीत तक सीमित न रखकर परिणाम आधारित सुरक्षा सहयोग के मजबूत ढांचे में बदला जा सके, ताकि जमीनी स्तर परप्रैक्टिकल सहयोग बढ़ाया जा सके.


बिम्सटेक एनएसए बैठक में क्या बोले अजीत डोभाल?

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि "आज हम ऐसे माहौल में मिल रहे हैं, जहां दुनिया संघर्षों और जियोपॉलिटिकल  मुश्किलों का सामना कर रही है. तेजी से हो रहे टेक्निकल  विकास के कारण सिक्योरिटी खतरे भी बढ़ गए हैं. वहीं ग्लोबल सप्लाई चेन में आई दिक्कतों की वजह से हमारे सभी देशों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है."

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आपसी सहयोग के लिए उठाने होंगे निर्णायक कदम


उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सभी देशों के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना, साझा हितों के लिए निर्णायक कदम उठाना और चर्चा व विचार-विमर्श के जरिए साझा समस्याओं का समाधान खोजना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि बिम्सटेक दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और डाइनामिक रीजन में से एक है. इसके सदस्य देशों में 1.7 अरब से अधिक लोग रहते हैं, जो दुनिया की करीब 22 प्रतिशत आबादी है, जबकि इन देशों की जीडीपी लगभग 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है.

डोभाल ने कहा कि बंगाल की खाड़ी हमें केवल ज्योग्राफिकल रूप से ही नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से चली आ रही साझा सिविलाइजेशन और कल्चरल विरासत से भी जोड़ती है. इसी मजबूत आधार पर बिम्सटेक ने कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया है.


इन क्षेत्रों में मजबूत हुआ सहयोग

अजीत डोभाल ने कहा कि आतंकवाद से मुकाबला,इंटरनेशनल संगठित क्राइम,साइबर खतरों और समुद्री सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने में सदस्य देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है. इसके साथ ही सभी देश नए और उभरते सुरक्षा खतरों से मिलकर निपटने के लिए भी तैयार हैं. उन्होंने कहा कि रीजनल सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी,  कैपेसिटी बिल्डिंग और आर्थिक सुरक्षा जैसे बिम्सटेक के प्रमुख लक्ष्य आगे भी सामूहिक प्रयासों का आधार बने रहेंगे.

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डोभाल ने कहा कि भारत के लिए बिम्सटेक 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'महासागर' विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य पूरे रीजन में सिक्योरिटी और डेवलेपमेंट के लिए कदम उठाना है. 

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