
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में एलपीजी सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा है. पिछले चार-पांच दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर की होम डिलीवरी ठप होने और भविष्य में किल्लत की आशंका के चलते हजारों लोग गैस एजेंसियों पर कतारों में खड़े हैं.
अचानक बढ़ी ऑनलाइन बुकिंग के कारण गैस कंपनियों का सर्वर धीमा हो गया है, जिससे उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. प्रशासन और एजेंसी मालिकों का दावा है कि स्टॉक की कोई कमी नहीं है, लेकिन डर के कारण लोग भारी संख्या में सेंटर पर पहुंच रहे हैं.
एजेंसी पर बाइक और ताले का पहरा
चंदौली की एक गैस एजेंसी के बाहर का नजारा डराने वाला है. वहां दर्जनों मोटरसाइकिलें खड़ी हैं, जिन पर खाली सिलेंडर लदे हुए हैं. कुछ लोग तो इतने डरे हुए हैं कि उन्होंने तीन-तीन सिलेंडरों को लोहे की जंजीरों से बाइक के साथ ताला लगा दिया है ताकि वे चोरी न हो जाएं.

ग्राहक मनीष शर्मा ने बताया कि पहले गांव-गांव जाकर डिलीवरी मिल जाती थी, लेकिन अब दो-दो घंटे तक एजेंसी पर नंबर लगाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं. कोई बाइक से तो कोई साइकिल पर सिलेंडर लादकर एजेंसी आ रहा है.
अफवाहों ने बिगाड़ा खेल, सर्वर हुआ ठप
गैस एजेंसी संचालक अमन सिंह के मुताबिक, गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोग 'पैनिक बाइंग' कर रहे हैं. जो लोग पहले कनेक्शन लेकर शांत बैठे थे, वे भी अब एक साथ सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं. पहले की तुलना में भीड़ 50 गुना बढ़ गई है, जिससे बुकिंग सॉफ्टवेयर क्रैक कर रहा है. सुजीत पटेल जैसे उपभोक्ता बताते हैं कि गांव में गाड़ी नहीं आने की वजह से उन्हें पासबुक जमा करने और केवाईसी अपडेट कराने के लिए खुद एजेंसी तक दौड़ना पड़ रहा है.