अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है. मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित ग्रीन हाउस में बंद कमरे में दो दिनों से इंटरव्यू चल रहे हैं. चयन समिति के सदस्य रिटायर्ड न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव का मूल्यांकन कर रहे हैं. पहले दिन 10 पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के इंटरव्यू लिए गए. मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा, प्रबंधन क्षमता और धार्मिक आस्था के आधार पर उम्मीदवारों की समझ को परखा जा रहा है.
5300 से अधिक आवेदनों में से 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट
राम मंदिर के बढ़ते स्वरूप और श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए CEO का पद बेहद महत्वपूर्ण है. इस पद के लिए देशभर से 5,300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से केवल 18 अभ्यर्थियों को ही अंतिम दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है.
पूर्व आईएएस, आईपीएस और सैन्य अधिकारी रेस में शामिल
इंटरव्यू की रेस में देश की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था का लंबा अनुभव रखने वाले दिग्गज अधिकारी शामिल हैं. मंगलवार को पहले दिन हुए इंटरव्यू में तीन पूर्व आईएएस, एक रिटायर्ड आईपीएस, चार पूर्व सैन्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों सहित कुल 10 लोगों के साक्षात्कार लिए गए.
प्रशासनिक अनुभव के साथ आस्था और विजन की परीक्षा
ग्रीन हाउस में सुबह 9 बजे से शुरू होकर दो सत्रों में चले इंटरव्यू में हर अभ्यर्थी को 25 से 30 मिनट का समय दिया गया. उम्मीदवारों से उनके पिछले कार्य अनुभव के साथ-साथ राम मंदिर और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के संचालन और मंदिर व्यवस्था के विजन पर सवाल पूछे गए.
चयन समिति और ट्रस्ट की मौजूदगी में गोपनीयता से इंटरव्यू
इंटरव्यू प्रक्रिया के दौरान चयन समिति के तीनों सदस्यों के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन भी मौजूद रहे. पूरी प्रक्रिया में कड़ी गोपनीयता बरती जा रही है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चयन समिति अंतिम चरण के लिए किन नामों को आगे बढ़ाती है.