उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार सुबह एक साधु की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई. कोथावां-अतरौली मार्ग स्थित शेर बहादुरपुर चौराहे पर राघवेन्द्र सिंह की मार्केट के बरामदे में साधु का शव पड़ा मिला. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद मृतक के साथी साधु मुंशीलाल को हिरासत में लेकर घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद की है. पुलिस फिलहाल पकड़े गए आरोपी से हत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही है.
दरअसल बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फ़ैल गई, जब कोथावां-अतरौली मार्ग स्थित शेर बहादुरपुर चौराहे पर राघवेन्द्र सिंह की मार्केट के बरामदे में साधु का शव पड़ा मिला. मृतक की पहचान बाबूलाल उर्फ बबूल (35) पुत्र सियाराम, निवासी जियनखेड़ा मजरा कासपुर थाना बेनीगंज के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह करीब छह बजे शव पड़े होने की सूचना मिली थी.
घटनास्थल के निरीक्षण में कुल्हाड़ी और ईंट से वार कर हत्या किए जाने की बात सामने आई. जानकारी के अनुसार बाबूलाल पिछले चार साल से साधु बनकर लखनऊ के एक मंदिर में रह रहा था. वहीं, पाही उगपुर निवासी मुन्नी उर्फ़ मुंशीलाल भी करीब डेढ़ साल से उसके साथ रह रहा था.
हत्या के पीछे वजह स्पष्ट नहीं
पुलिस ने पूछताछ के बाद मुंशीलाल को गिरफ्तार कर लिया. घटना की जानकारी पर सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी. दोनों के बीच विवाद की वजह और हत्या के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है. एएसपी सुबोध गौतम ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. घटनास्थल से कुल्हाड़ी को बरामद किया गया है अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है. साधु पर ईंट और कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या की गई है. जांच में सामने आया है कि उसके साथी साधु मुन्नी उर्फ मुंशीलाल द्वारा वारदात को अंजाम दी गई है.