उत्तर प्रदेश के गोंडा में गांधी जयंती के मौके पर 7 साल की नन्ही धाविका अनामिका मिश्रा ने अपनी रफ्तार से लोगों को हैरान कर दिया है. कक्षा 2 में पढ़ने वाली अनामिका ने हाथ में तिरंगा झंडा लेकर अपने स्कूल से गांधी पार्क तक 30 किलोमीटर की दौड़ी और उसने यह दूरी 3 घंटे 40 मिनट में पूरी की.
जानकारी के मुताबिक, अनामिका ने सुबह 6 बजे इटियाथोक स्थित भीखमपुरवा प्राथमिक विद्यालय से अपनी दौड़ शुरू की. करीब 3 घंटे 40 मिनट बाद सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर वह गोंडा नगर के गांधी पार्क पहुंची. वहां भारत माता के जयकारों के बीच उसने अपनी दौड़ पूरी की और महात्मा गांधी को नमन किया.
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पूरी दौड़ के दौरान अनामिका की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों के साथ शिक्षकों और शुभचिंतकों की टीम मौजूद रही. गांधी पार्क पहुंचने पर देवी पाटन मंडल के डीआईजी अशोक शुक्ला समेत प्रतिष्ठित नागरिकों ने माला पहनाकर नन्ही धाविका का स्वागत किया और उसका हौसला बढ़ाया.
ओलंपिक में गोल्ड जीतने का सपना
अनामिका का सपना है कि वह भविष्य में ओलंपिक की मैराथन में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करे. इसके लिए वह अभी से अपने शिक्षक पिता मनोज मिश्रा की निगरानी में मैराथन की तैयारी कर रही है. अनामिका की प्रेरणा उसकी बड़ी बहन अंशिका मिश्रा भी है, जो कक्षा 10 में पढ़ती है.
अंशिका जब कक्षा 3 में थी, तब उसने 6.26 सेकेंड में भारत के सभी जिलों के नाम सुनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था. घर में लगातार मेडल और उपलब्धियां देखकर अनामिका भी प्रेरित हुई और उसने खुद मेडल जीतने का सपना देखा. इसके बाद उसने पिता की देख-रेख में अपनी तैयारी शुरू की.
बीते साल अनामिका ने 8 मिनट में 240 पुशअप लगाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था. पिछले साल 2 अक्टूबर को ही उसने 45 मिनट में 10 किलोमीटर दौड़ पूरी कर लोगों को हैरान कर दिया था. अब गांधी जयंती पर 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर उसने अपनी एक और उपलब्धि दर्ज कराई है.
6 बच्चों के पिता हैं अनामिका के शिक्षक पिता
अनामिका के पिता मनोज मिश्रा गोंडा के भीखमपुरवा प्राथमिक विद्यालय इटियाथोक के प्रधानाध्यापक हैं. वह 6 बच्चों के पिता हैं और उनका सपना है कि उनके स्कूल के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाएं. इसी सोच के साथ उन्होंने बच्चों को अलग-अलग विधाओं में तराशना शुरू किया.
मनोज मिश्रा ने इसकी शुरुआत अपनी बड़ी बेटी अंशिका मिश्रा से की. इसके बाद परिवार में मिली उपलब्धियों और मेडल से प्रेरित होकर अनामिका ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखानी शुरू की. पिता के मुताबिक, उनके स्कूल की पांच छात्राओं ने अलग-अलग विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है.
गांधी जयंती पर जब अनामिका हाथ में झंडा लेकर सड़क पर दौड़ रही थी, तो रास्ते में उसे देखने वाले लोग भी हैरान रह गए. पुलिस, शिक्षकों और शुभचिंतकों के सुरक्षा घेरे में 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने वाली इस नन्ही धाविका ने अब अपने अगले लक्ष्य के तौर पर ओलंपिक मैराथन में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना रखा है.