प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की. कैप्टन स्मित ने उस मुश्किल वक्त को याद करते हुए बताया कि जब वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे, तब उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया था. उन्होंने बताया कि विमान हादसे के समय उन्हें एहसास हो गया था कि जहाज नीचे जा रहा है, लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की.