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गाजियाबाद में हिंडन नदी उफान पर! करहेड़ा-शिवम एन्क्लेव के 150 से ज्यादा मकानों में घुसा पानी; सिटी फॉरेस्ट बंद, बढ़ा बाढ़ का खतरा

उत्तर प्रदेश के दिल्ली-एनसीआर (NCR) से सटे गाजियाबाद में हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर तटीय इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण हिंडन नदी उफान पर है, जिसके चलते रिहायशी कॉलोनियों में पानी घुसना शुरू हो गया है.

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नदी में फैली जलकुंभी बनी गाजियाबाद में जलभराव की बड़ी वजह.(Photo:Screengrab)
नदी में फैली जलकुंभी बनी गाजियाबाद में जलभराव की बड़ी वजह.(Photo:Screengrab)

गाजियाबाद में हिंडन नदी का बढ़ता जलस्तर रविवार को एक बार फिर शहर के नदी किनारे बसे इलाकों के लिए चिंता का कारण बन गया. सिटी फॉरेस्ट में पानी भर जाने के कारण उसे पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया, जबकि करहेड़ा, न्यू करहेड़ा, शिवम एन्क्लेव, कृष्णा कॉलोनी और नूरनगर श्मशान घाट के आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में भी पानी पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल है. कई स्थानों पर घरों के बाहर तक पानी भर गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है. प्रभावित क्षेत्रों में करीब 150 से अधिक मकान जलभराव की चपेट में बताए जा रहे हैं.

करहेड़ा निवासी महिला ने बताया कि यहां पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. अब पानी उनकी कॉलोनी तक पहुंच चुका है. उनके घरों तक भी नदी का पानी पहुंच गया जिससे वह डरे हुए हैं, वहीं मिली जानकारी के अनुसार, पानी की वजह से  कई परिवारों को घरों के बाहर रहने की नौबत आ गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लगातार डर के साये में जी रहे हैं, क्योंकि पानी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है. उनका मानना है कि हिंडन नदी की समय पर सफाई नहीं होने और नदी में फैली जलकुंभी के कारण लोहे के पुल के पास पानी का बहाव बाधित हो जाता है.

इससे नदी का पानी आबादी वाले इलाकों की ओर फैलने लगता है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नदी की सफाई कराई जाती और जलकुंभी हटाई जाती, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते. देखें VIDEO:- 

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लोगों को डर है कि साल 2023 की बाढ़ जैसी स्थिति एक बार फिर न बन जाए , उस समय भी हिंडन का जलस्तर करीब 202 मीटर तक पहुंचा था और करहेड़ा सहित आसपास के कई इलाके जलमग्न हो गए थे. जिस वजह से इलाके के दो युवकों की रिहायशी इलाके में भरे पानी में डूब कर मौत भी हो गई थी. हालांकि अभी इस बार करीब 201.8 मीटर के जलस्तर पर ही पानी कॉलोनियों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है.

उधर, नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है. सिटी फॉरेस्ट को एहतियातन बंद कर दिया गया है और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान और समय रहते प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.

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