शेयर बाजार में पिछले सप्ताह उतार-चढ़ाव देखने को मिला था लेकिन पांच दिन के कारोबार के बाद सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त में रहे थे, वहीं अगले सप्ताह शेयर मार्केट की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी. इनमें मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-ईरान जंग के साथ ही तमाम दिग्गज कंपनियों द्वारा जारी किए गए जून तिमाही के नतीजे शामिल हैं. (Photo: ITG)
निवेशकों के लिए ऐसा रहा बीता हफ्ता
बीता सप्ताह शेयर बाजार निवेशकों को लिए मिला-जुला रहा. हालांकि, बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 582 अंक, जबकि NSE Nifty 127 अंकों की बढ़त में रहा. तो वहीं Sensex की टॉप-10 कंपनियों में शामिल पांच की मार्केट वैल्यू में गिरावट, जबकि 5 में उछाल देखने को मिला. कमाई कराने के मामले में टीसीएस, रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई और बजाज फाइनेंस आगे रही. (Photo: ITG)
अगले हफ्ते को लेकर क्या अनुमान?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषकों का कहना है कि अगले हफ्ते शेयर बाजार पर वैश्विक और घरेलू दोनों फैक्टर्स का असर देखने को मिलेगा. इनमें जहां इंफोसिस जैसी आईटी कंपनियों के तिमाही के नतीजे बाजार की चाल पर असर डालते दिखेंगे, तो वहीं वेस्ट एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर आने वाला हर अपडेट प्रभाव डालेगा. इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदलने वाला साबित हो सकता है. (Photo: Pixabay)
पहला फैक्टर: US-Iran युद्ध से जुड़ा अपडेट
अमेरिका और ईरान में जंग जारी है और मिडिल ईस्ट में फिर से भारी तनाव के चलते ग्लोबल टेंशन भी हाई पर है. इससे पहले 28 फरवरी को शुरू हुए Middle East War पर करीब 100 से ज्यादा दिनों के बाद कुछ दिनों के लिए ब्रेक लगा था, लेकिन अब जंग फिर तेज हो चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल गैस को लेकर दुनिया की चिंता बढ़ गई है, अगले हफ्ते इसे लेकर आने वाला हर अपडेट बाजार पर असर डाल सकता है. (Photo: Reuters)
दूसरा फैक्टर: कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव
जहां एक ओर मिडिल ईस्ट में US-Iran आमने सामने हैं, तो वहीं इस युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी आग लगी हुई है, जो दुनिया में फिर से महंगाई बढ़ने का जोखिम बढ़ा रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत (Brent Crude Oil Price) अब 88 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुका है, तो वहीं WTI Crude Oil Price भी 83 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, Murban Crude Oil की कीमत पर नजर डालें, तो ये 81 डॉलर के पार निकल गया है.
अगर जंग बढ़ती है और क्रूड इससे ज्यादा महंगा होता है, तो फिर बाजार पर निगेटिव इम्पैक्ट दिख सकता है. रिपोर्ट में रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिंडेंट रिसर्च अजीत मिश्रा ने कहा कि ग्लोबल स्तर पर निवेशक वेस्ट एशिया में तनाव से संबंधित हर घटनाक्रम के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रख रहे हैं. (Photo: AI Generated)
तीसरा फैक्टर: कंपनियों के तिमाही नतीजे
शेयर बाजार की चाल पर अगले हफ्ते जारी होने वाली तमाम कंपनियों के तिमाही नतीजों और उनकी आय से जुड़े डेटा का असर देखने को मिलेगा. एक ओर जहां हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों की चाल पर फोकस रहेगा, जिनके नतीजे बीते हफ्ते जारी हुए, तो वहीं पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 कम्युनिकेशंस, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, बजाज ऑटो, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पावर समेत इंडसइंड बैंक, नेस्ले इंडिया, इंफोसिस, बैंक ऑफ बड़ौदा, SBI लाइफ इंश्योरेंस की नतीजे आएंगे. (Photo: ITG)
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)