उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ठगी के आरोपी सुमित सिंह पर एक के बाद एक गंभीर आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि उसने सरकारी और प्राइवेट नौकरी दिलाने से लेकर बहन की शादी, जमीन बेचने और एससी-एसटी के मुकदमे में बचाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये लिए. मामला सामने आने के बाद अब सुमित सिंह पर अपने परिवार के लोगों के फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र और पेंशन बनवाकर सरकारी योजना का लाभ लेने का भी आरोप लगा है.
मामला जिले के थरियांव थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. पीड़ितों के मुताबिक, सुमित सिंह अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरह का भरोसा देकर उनसे रकम लेता था. किसी से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए गए तो किसी से प्राइवेट नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप है. इसके अलावा बहन की शादी कराने, जमीन बिकवाने में मदद करने और एससी-एसटी के मुकदमे में बचाने के नाम पर भी पैसे लेने के आरोप लगाए गए हैं.
हालांकि, सुमित सिंह पर लगा सबसे गंभीर आरोप परिवार के लोगों की दिव्यांग पेंशन से जुड़ा है. आरोप है कि परिवार के लोगों के फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाए गए और उनके आधार पर दिव्यांग पेंशन का लाभ लिया गया. शिकायत के बाद इस मामले की जांच हुई. जांच के बाद फर्जी बताए जा रहे पेंशन कार्ड निरस्त कर दिए गए.
फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर पेंशन लेने का आरोप
बताया जा रहा है कि परिवार के लोग अब तक करीब 2 लाख 40 हजार रुपये की दिव्यांग पेंशन का लाभ ले चुके हैं. मामला सामने आने के बाद जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी की ओर से पेंशन के रूप में ली गई रकम की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया गया है. इस कार्रवाई के बाद सरकारी योजना का कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने का मामला भी सामने आया है.
सुमित सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आ रही है. पीड़ितों के मुताबिक, उसके खिलाफ करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं. इनमें पॉक्सो, रेप और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों से जुड़े मुकदमे शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि, पीड़ितों का आरोप है कि इतने मुकदमे दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक सुमित सिंह को गिरफ्तार नहीं किया है.
पीड़ितों का आरोप है कि मामला पुलिस और अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है. आरोप है कि सुमित सिंह सुलह नहीं करने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दे रहा है. पीड़ितों का कहना है कि वे कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार पुलिस और संबंधित अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं.
मामले को लेकर पीड़ितों में नाराजगी भी है. उनका आरोप है कि शिकायतों और गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. कार्रवाई नहीं होने से परेशान एक पीड़ित ने आत्महत्या तक करने की चेतावनी दी है. पीड़ित का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी जान देने के लिए मजबूर होगा.
पुलिस पर अब तक गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप
फिलहाल इस पूरे मामले में फर्जी दिव्यांग पेंशन से जुड़ी कार्रवाई विभागीय स्तर पर आगे बढ़ रही है और लाभ की रकम की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है. वहीं, सुमित सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमों और पीड़ितों की ओर से लगाए गए ठगी और धमकी के आरोपों को लेकर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है.