उत्तर प्रदेश के इटावा में यमुना नदी के किनारे बोरे में बंद एक छात्रा का शव मिलने से हड़कंप मच गया है. घटना बढ़पुरा थाना क्षेत्र के ग्राम मिहौली के पास की है. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतका की पहचान आगरा जिले के बाह थाना क्षेत्र के रुदमुली गांव निवासी 26 वर्षीय विशाखा पुत्री विजय कुमार के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, विशाखा की गुमशुदगी आगरा के एमएम गेट थाने में दर्ज थी. संबंधित जानकारी के आधार पर इटावा पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शव की पहचान विशाखा के तौर पर की.
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विशाखा के बड़े भाई विकास कुमार ने बताया कि उनकी छोटी बहन आगरा के एमएम गेट थाना क्षेत्र में रहकर TET की तैयारी कर रही थी. 29 सितंबर को फोन पर उसकी विशाखा से बातचीत हुई थी. उस दौरान उसने 30 सितंबर को घर आने की बात कही थी, लेकिन तय समय पर वह घर नहीं पहुंची.
गुमशुदगी के बाद शुरू हुई तलाश
बहन के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और आगरा पहुंचकर जानकारी जुटाई. परिवार के मुताबिक, CCTV फुटेज समेत अन्य जानकारियों के आधार पर एमएम गेट थाने में विशाखा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी. इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की.
विकास कुमार का आरोप है कि गांव के ही रहने वाले और आगरा में तैनात लेखपाल शिवजीत सिंह ने उनकी बहन की हत्या की है. परिवार का कहना है कि जमीन और अवैध खनन से जुड़ी शिकायतों को लेकर लेखपाल का परिवार उनसे दुश्मनी मानता था. इसी रंजिश के चलते हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है.
परिजनों के अनुसार, आरोपी लेखपाल ने शव को आगरा के चित्राहाट थाना क्षेत्र में स्थित कचौरा पुल से यमुना नदी में फेंका. भाई के मुताबिक, शिवजीत सिंह की निशानदेही पर पुलिस यमुना नदी के आसपास विशाखा की तलाश कर रही थी. इसी दौरान बढ़पुरा थाना क्षेत्र के ग्राम मिहौली के पास नदी किनारे बोरे में बंद शव मिला.
कचौरा पुल से शव फेंकने का आरोप
ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद बढ़पुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नदी किनारे से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया. इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह और घटनाक्रम को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रा का मामला आगरा में पंजीकृत था. उन्होंने कहा कि शव को यमुना नदी में फेंका गया था, जो बढ़पुरा क्षेत्र में मिला है. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है.
फिलहाल, परिजनों ने लेखपाल शिवजीत सिंह पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. जमीन और अवैध खनन से जुड़ी शिकायतों के कारण कथित रंजिश को भी इस आरोप की वजह बताया गया है. पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही छात्रा की मौत की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे.