उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भगवानपुर गांव निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी राकेश चौहान की वेनेजुएला में जहाज पर ड्यूटी के दौरान हुई मौत अब कई सवाल खड़े कर रही है. पहले कंपनी ने हादसे की बात कही, फिर हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया. लेकिन जब भारत में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया तो राकेश के शरीर से कई अंदरूनी अंग गायब मिलने का दावा सामने आया, जिसके बाद परिजनों ने शिपिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
नहीं दे सका 6 माह के बेटे का मुंह
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि राकेश का 6 माह का बेटा है उसने अपने बेटे के लिए बहुत सारे अरमान देखे थे लेकिन उसका चेहरा देखने से पहले ही दम तोड़ दिया. राकेश चौहान नवंबर 2025 में फीटर के पद पर नौकरी के लिए वेनेजुएला गए थे. 7 मई को उनकी मौत हो गई थी, जबकि उनका शव करीब एक महीने बाद 4 जून को भारत पहुंचा. परिजनों का आरोप है कि कंपनी ने न तो मौत की सही वजह बताई और न ही यह जानकारी दी कि विदेश में शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है.
राकेश की पत्नी रंजना चौहान का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने उन पर शव लेने के लिए हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया. उनका आरोप है कि उनसे कहा गया कि अगर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए गए तो शव कहीं भी छोड़ दिया जाएगा. रंजना का कहना है कि उन्होंने किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं किए, लेकिन कंपनी ने उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर दिए. उनका दावा है कि वह हमेशा अंग्रेजी में हस्ताक्षर करती हैं, जबकि दस्तावेजों में हिंदी में हस्ताक्षर दिखाए गए.
दोबारा PM में लिवर, हार्ट, फेफड़े, आंत, दिमाग सब गायब
रंजना ने आरोप लगाया कि उनके पति की हत्या की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि बिना परिवार की अनुमति के पोस्टमार्टम कराया गया और दोबारा पोस्टमार्टम में लिवर, हार्ट, फेफड़े, आंत, दिमाग समेत कई महत्वपूर्ण अंग गायब मिले. उन्होंने अंगों की तस्करी की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
उन्होंने सरकार से शिपिंग कंपनी के खिलाफ कार्रवाई, उचित मुआवजा, बीमा की राशि दिलाने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है. राकेश अपने पीछे छह महीने के बेटे को छोड़ गए हैं, जिसका चेहरा देखने से पहले ही उनकी मौत हो गई. परिवार का कहना है कि राकेश ही घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे.
जांच की मांग पर अड़ी पत्नी
पोस्टमार्टम नोडल अधिकारी और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि सामान्य तौर पर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए कुछ ऊतकों के नमूने सुरक्षित रखे जाते हैं, लेकिन यहां कई अंग गायब होने की बात सामने आई है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वेनेजुएला में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया क्या होती है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है, इसलिए उस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती. फिलहाल परिजन पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि राकेश की मौत की असली वजह सामने आए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अपराध हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.