उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय (मॉल एवेन्यू) में बवाल हो गया. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस की नेता ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई. अब खुद ममता चौधरी ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है. 'आजतक' से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'मैं दलित हूं... और ये जो घटना हुई है वो दलित विरोधी है.'
बकौल कांग्रेस नेत्री ममता चौधरी- 'मुझे मां-बहन की गालियां दी गईं, अपशब्दों का प्रयोग किया गया, कहा गया कि मारो साली को... औकात दिखाई गई. अब मैं कांग्रेस में ऊपर बात करूंगी, राहुल जी शिकायत करूंगी.' उन्होंने अजय राय को दलित विरोधी और अग्रेसिव स्वभाव का आदमी बताया.
बताया गया कि अजय राय अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस ऑफिस पहुंचे थे. तभी मौके पर मौजूद ममता चौधरी ने कथित तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा- 'यह यहां क्या कर रहे हैं? इनकी शक्ल कोई नहीं देखना चाहता.' यह बात सुनते ही राय बिफर गए और समर्थकों में कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई.
वहीं, इसको लेकर ममता का कहना है कि मैंने सिर्फ इतना कहा था कि 'मुझे देखने का शौक नहीं है.' बाकी बातें गलत हैं. खुद अजय राय के गुर्गे कह रहे थे कि मारो-मारो. वो पहले भी अग्रेसिव रहे हैं. इन सबके बीच इमरान मसूद को धक्का क्यों दिया गया. कुल मिलकर वो (अजय राय) दलित विरोधी हैं.
इससे पहले ममता चौधरी ने कहा था- "असल में, मुझे उस समय पता ही नहीं चला कि क्या हो रहा था. हम महिलाओं का एक बड़ा ग्रुप- पूरी महिला कांग्रेस विंग- दीदी (आराधना मिश्रा-मोना) का स्वागत करने के लिए इंतजार कर रहा था. हमें पता चला कि दीदी आ गई हैं, और फिर हमने सुना कि अजय राय भी आए हैं. लोगों ने हमसे एक तरफ हटने और जगह बनाने के लिए कहा, तो हम एक तरफ हो गईं. मैं वहां दूसरी महिलाओं से बात कर रही थी. मुझे नहीं पता कि किसने क्या कहा या कोई खास बात कही. अचानक, पूर्व अध्यक्ष मुड़े और मुझ पर चिल्लाए, 'अपनी हद में रहो! अपनी हद में रहो!' फिर, उनके साथी- यूनिवर्सिटी के गुंडों या बदमाशों की तरह- आक्रामक होकर पूछने लगे, 'किसने कहा? तुमने क्या कहा?' वे चप्पल और जूते लहराने लगे और हाथों-पैरों से हम पर हमला करने लगे. यह विरोधी गुटों के बीच टकराव नहीं था; यह बस एक तरफ पुरुष और दूसरी तरफ महिलाएं थीं.
ममता ने कहा कि मुझे समझ नहीं आया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया- मुझे अब भी समझ नहीं आता. वे मनगढ़ंत कहानियां बना रहे हैं, दावा कर रहे हैं कि मैंने यह कहा या वह कहा... इसके अलावा, अगर आप वीडियो देखें, तो पाएंगे कि मैं उनकी तरफ देख भी नहीं रही थी; मुझे पता भी नहीं था कि वे कब वेन्यू में आए... उन्हें हमेशा से दलितों से दिक्कत रही है; वे पहले भी ऐसा ही व्यवहार करते थे... पूरी महिला कांग्रेस- हम सब राहुल जी के पास जाएंगे, और उनके बर्ताव और उनके लोगों के व्यवहार की शिकायत करेंगे.