लखनऊ में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 'सैफई सिंडिकेट' नौकरी में सेंध लगाता था और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा करता था. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में उत्सव नहीं, बल्कि उपद्रव होता था, जबकि आज शारदीय नवरात्रि में आयोजन हो रहे हैं और रामलीला चल रही है.
सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव है और बेटियां सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करता है तो पुलिस अगले चौराहे पर उसका उपचार कर देती है.
योगी ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बना तो निवेश आया और निवेश के साथ नौकरियां भी आईं. उन्होंने कहा कि सरकार ने साढ़े 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है, जबकि निजी क्षेत्र में निवेश के कारण 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है. उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में उत्तर प्रदेश का युवा काम करता था, आज वहां वीरानी छाई है.
समाजवादी पार्टी पर हमला
शिक्षा को लेकर भी सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो छोर हैं, जो कभी नहीं मिलते. उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी शिक्षा के लिए कुछ करने की बात करते हैं तो यह ऐसा है जैसे कोई मगरमच्छ नदी किनारे आकर कहे कि मेरी पीठ पर सवार हो जाओ, मैं सुरक्षित उस पार पहुंचा दूंगा. योगी ने समाजवादियों को शिक्षा का घोषित दुश्मन बताया और कहा कि वे युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा करने और शिक्षा की ऐसी-तैसी करने वाले हैं.
सीएम योगी ने शिक्षक और युवाओं से 23 अक्टूबर को पहले मतदान करने की अपील की. उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी मुस्तैदी के साथ काम करने और आत्मविश्वास नहीं पालने को कहा. उन्होंने कहा कि विरोधी हार मान चुके हैं, लेकिन सेंधमारी की कोशिश कर सकते हैं. योगी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने की दुष्प्रवृत्ति उठ खड़ी हुई है और इस चुनाव में उसका भी जवाब होना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से हो रहा है और परिणाम न्याय के पक्ष में देने का काम करना है.