मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान और साहिल की सजा को लेकर बुधवार को अदालत में अहम बहस हुई. अभियोजन पक्ष ने इस मामले को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध बताते हुए दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने न्यूनतम सजा देने की अपील की. अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं.
हत्या के बाद भी घूमते रहे आरोपी, अभियोजन ने उठाया सवाल
सजा पर बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह हत्या अचानक गुस्से में उठाया गया कदम नहीं, बल्कि सोच-समझकर अंजाम दिया गया अपराध था. अभियोजन के मुताबिक, हत्या करने के बाद भी आरोपी सामान्य रूप से घूमते रहे. इसी दलील के आधार पर दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की गई.
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि अपराध की गंभीरता और हत्या के बाद आरोपियों के व्यवहार को देखते हुए यह मामला मृत्युदंड दिए जाने योग्य है. अपनी दलीलों को मजबूत करने के लिए अभियोजन ने सुप्रीम कोर्ट के तीन फैसलों का भी हवाला दिया, जिनमें मृत्युदंड से संबंधित कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख है.
बचाव पक्ष ने की न्यूनतम सजा देने की मांग
दूसरी ओर बचाव पक्ष ने अदालत से दोषियों को न्यूनतम सजा देने की अपील की. इस तरह सजा के सवाल पर दोनों पक्षों ने अदालत के सामने अपनी-अपनी दलीलें रखीं. अभियोजन पक्ष जहां फांसी की मांग पर कायम रहा, वहीं बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने का अनुरोध किया.
शाम 4 बजे सुनाया जाएगा सजा पर फैसला
सौरभ राजपूत हत्याकांड ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं. अब इस मामले में सजा को लेकर अदालत के फैसले का इंतजार है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बुधवार को शाम 4 बजे सजा सुनाए जाने की बात कही गई है. अदालत का फैसला तय करेगा कि दोषियों को किस तरह की सजा दी जाती है.