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गुलदार पकड़ने को लगाया पिंजरा, गांव वालों ने मुर्गा निकाला, बच्चे पिंजरे में बंद होकर करने लगे मस्ती, Video

बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में ग्रामीण पिंजरे के आसपास नजर आ रहे हैं. दावा है कि कुछ लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और पिंजरे में गुलदार को आकर्षित करने के लिए रखा मुर्गा भी बाहर निकालकर ले जाते हैं. इससे वन विभाग की पकड़ने की कोशिश प्रभावित होने की आशंका है.

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गुलदार के पिंजरे के पास ग्रामीणों की भीड़. (Photo: Screengrab)
गुलदार के पिंजरे के पास ग्रामीणों की भीड़. (Photo: Screengrab)

बिजनौर जिले के ग्रामीण इलाकों में गुलदार की लगातार मौजूदगी वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है. गुलदारों को पकड़ने के लिए वन विभाग अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगा रहा है. इन पिंजरों में गुलदार को आकर्षित करने के लिए मुर्गे जैसे जीवित चारे का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अब कुछ ग्रामीणों की लापरवाही के कारण यही पिंजरे चर्चा का विषय बन गए हैं. नजीबाबाद थाना क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कुछ ग्रामीण गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे के आसपास दिखाई दे रहे हैं. वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग पिंजरे को गंभीरता से लेने के बजाय उसे देखने और मनोरंजन का जरिया बना रहे हैं.

वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरों को आम लोगों से दूर रखना जरूरी होता है. इसकी वजह यह है कि गुलदार को पिंजरे तक लाने के लिए वन विभाग एक तय रणनीति के तहत काम करता है. पिंजरे के आसपास इंसानी गतिविधियां बढ़ने या उसके साथ छेड़छाड़ होने से इस पूरी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है. नजीबाबाद क्षेत्र में सामने आए मामले में कुछ ग्रामीण पिंजरे के आसपास पहुंचते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में पिंजरे को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता नजर आती है. बताया जा रहा है कि कुछ लोग इसे देखने के लिए वहां पहुंचते हैं.

गुलदार पकड़ने के लिए लगाया था पिंजरा

वायरल वीडियो को लेकर एक और दावा किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि कुछ ग्रामीण पिंजरे में गुलदार को आकर्षित करने के लिए रखे गए मुर्गे को ही बाहर निकालकर ले जाते हैं. यदि ऐसा होता है तो गुलदार को पिंजरे तक लाने के लिए वन विभाग की ओर से की जा रही पूरी कवायद प्रभावित हो सकती है. गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे में रखा गया चारा वन विभाग की रणनीति का हिस्सा होता है. गुलदार को उसकी ओर आकर्षित करने के लिए जीवित चारा रखा जाता है. ऐसे में कोई व्यक्ति पिंजरे में रखे चारे को निकाल ले या पिंजरे के साथ छेड़छाड़ करे तो गुलदार को पकड़ने की कोशिश प्रभावित हो सकती है.

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इसके अलावा पिंजरे के आसपास लोगों की लगातार आवाजाही भी समस्या बन सकती है. गुलदार बेहद सतर्क वन्यजीव माना जाता है. ऐसे में आसपास इंसानी गतिविधि महसूस होने पर वह पिंजरे के पास आने से बच सकता है. इस वजह से पिंजरे के आसपास अनावश्यक भीड़ या लोगों की आवाजाही वन विभाग की कार्रवाई के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. नजीबाबाद थाना क्षेत्र से सामने आया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरों की सुरक्षा और ग्रामीणों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि गुलदार की मौजूदगी वाले इलाकों में वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं. ऐसे में ग्रामीणों का सहयोग बेहद जरूरी है. लोगों को पिंजरों से दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बचने की जरूरत है. गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे किसी मनोरंजन का साधन नहीं हैं. वन विभाग इनका इस्तेमाल एक विशेष उद्देश्य के लिए करता है. पिंजरे के आसपास अनावश्यक भीड़ जुटाना, उसे छूना या उसमें रखा चारा निकालना वन विभाग की कार्रवाई को नुकसान पहुंचा सकता है.

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खास तौर पर यदि पिंजरे में गुलदार को आकर्षित करने के लिए मुर्गा रखा गया है तो उसे बाहर निकालना पूरी योजना पर असर डाल सकता है. गुलदार को पिंजरे तक लाने के लिए वन विभाग जिस रणनीति के तहत चारा रखता है, उसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ से प्रयास प्रभावित होने की आशंका रहती है. ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण पिंजरों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें. यदि किसी व्यक्ति को पिंजरे के साथ छेड़छाड़ करते देखा जाए तो इसकी सूचना संबंधित वन विभाग के अधिकारियों को दी जानी चाहिए.

वन विभाग की कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका

गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में इंसानों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग और ग्रामीणों के बीच सहयोग सबसे अहम है. एक तरफ वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे और चारे का इस्तेमाल कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों की जिम्मेदारी है कि वे इन पिंजरों के साथ छेड़छाड़ न करें और कार्रवाई में सहयोग करें. फिलहाल नजीबाबाद क्षेत्र का वायरल वीडियो इसी वजह से चर्चा में है. गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे के आसपास ग्रामीणों की मौजूदगी और चारे के रूप में रखे गए मुर्गे को निकालकर ले जाने के दावे ने वन विभाग की कार्रवाई के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है.
 

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