बिजनौर के अफजलगढ़ थाना क्षेत्र का एक हिस्ट्रीशीटर करीब 26 साल तक पुलिस की नजरों से दूर रहा. पुलिस के अनुसार, इस्लामुद्दीन ने अपनी पहचान बदलकर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले का पता इस्तेमाल किया और नए नाम से आधार कार्ड व पासपोर्ट बनवा लिया. इसके बाद वह सऊदी अरब के रियाद पहुंचा, जहां करीब 10 साल तक नौकरी करता रहा.
पुलिस के मुताबिक, विदेश से लौटने के करीब 10 दिन बाद वह बिजनौर पहुंचा और परिवार के साथ जसपुर में रहने लगा. इसी दौरान पुलिस को उसकी गतिविधियों और बदली हुई पहचान की जानकारी मिली. जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके पास से ‘मोहम्मद इस्लाम खान’ के नाम से बना पासपोर्ट और आधार कार्ड बरामद किया गया है.
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शनिवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. पुलिस अब उसके दस्तावेजों की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि पहचान बदलने में किन लोगों और माध्यमों की मदद ली गई.
1996 में खुली थी हिस्ट्रीशीट
पुलिस के अनुसार, इस्लामुद्दीन मूल रूप से अफजलगढ़ के मोहल्ला मोहम्मद मियां जी मोखा का रहने वाला है. वर्ष 1996 में अफजलगढ़ पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था. इसी साल उसके खिलाफ लूट का मुकदमा भी दर्ज हुआ था. आपराधिक गतिविधियों के चलते थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 133-ए खोली गई.
हिस्ट्रीशीटर बनने और आपराधिक मुकदमों के बाद पुराने पासपोर्ट से विदेश जाना उसके लिए मुश्किल हो गया था. पुलिस का कहना है कि इसके बाद वर्ष 2000 के आसपास वह रिकॉर्ड से गायब हो गया. इसी दौरान उसने अपने भाई की ससुराल, मध्य प्रदेश के पन्ना जिले का रुख किया.
पुलिस जांच में सामने आया कि पन्ना में उसने ‘मोहम्मद इस्लाम खान’ नाम से नई पहचान तैयार की. उसने देवपुरा गांव का पता इस्तेमाल कर आधार कार्ड बनवाया. इसी पहचान के सहारे वह लंबे समय तक वहां रहा. इस दौरान उसने निकाह भी किया और बदले नाम से सामान्य जीवन जीता रहा.
2015 में बनवाया नया पासपोर्ट
पुलिस के मुताबिक, नई पहचान के आधार पर इस्लामुद्दीन ने 23 मार्च 2015 को ‘मोहम्मद इस्लाम खान’ के नाम से पन्ना के पते पर पासपोर्ट बनवाया. इसी दस्तावेज के जरिए वह दोबारा विदेश चला गया. पुलिस का दावा है कि सऊदी अरब के रियाद में उसने लगभग एक दशक तक नौकरी की.
इस दौरान बिजनौर पुलिस को उसकी भनक नहीं लगी. हाल ही में वह सऊदी अरब से भारत लौटा. करीब दस दिन पहले बिजनौर आने के बाद वह परिवार के साथ जसपुर में रह रहा था. पुलिस को सूचना मिलने पर उसकी पहचान और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला गया.
जांच के दौरान पुलिस ने उसके पास मौजूद दूसरे नाम वाले दस्तावेज बरामद किए. अधिकारियों के मुताबिक, एक समय उसके आधार कार्ड में धामपुर का पता भी दर्ज कराया गया था. अब इस पते और अन्य पहचान संबंधी रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है.
फर्जी दस्तावेजों की प्रक्रिया खंगाल रही पुलिस
अफजलगढ़ थाना प्रभारी मृदुल कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से इस्लामुद्दीन है और उसके खिलाफ पहले आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसने दूसरी पहचान के लिए कौन-कौन से दस्तावेज तैयार कराए और पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया कैसे पूरी की.
विवेचक मनवीर सिंह के मुताबिक, आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. पुलिस अब उन माध्यमों और दस्तावेजों का पता लगाने में जुटी है, जिनका इस्तेमाल पहचान बदलने के लिए किया गया.
इस मामले ने पुलिस रिकॉर्ड और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति करीब ढाई दशक तक दूसरी पहचान के साथ कैसे रहा और विदेश जाकर नौकरी करता रहा. आगे की जांच में दस्तावेज तैयार कराने और उनके इस्तेमाल से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है.