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Japanese Healthy Lifestyle Tips: सुकून भरी जिंदगी जीने के लिए अपनाएं ये 7 जापानी तरीके, बिना मेहनत घर से बाहर होगा स्ट्रेस!

भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में सुकून पाने के लिए जापान की 7 छोटी आदतें अपनाई जा सकती हैं. सुबह जल्दी उठना, सफाई को रूटीन बनाना, खाने के प्रति आभार, चीजों की कद्र और मौसम के साथ जुड़ना जैसी आदतें भारतीय डेली लाइफ को ज्यादा व्यवस्थित और शांत बना सकती हैं.

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सुबह जल्दी उठना अहम होता है.  (PHOTO:AI)
सुबह जल्दी उठना अहम होता है. (PHOTO:AI)

Japanese Healthy Lifestyle Tips: भारत में अधिकतर बीमारियों के पीछे की असली वजह लोगों की खराब लाइफस्टाइल और डाइट है. न तो लोग एक्सरसाइज करते हैं और न ही सही से हेल्दी डाइट लेते हैं, जिसकी वजह से उनको कई हेल्थ इश्यूज हो जाते हैं. यही वजह है कि भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का दबाव और लगातार बढ़ती जरूरतों के बीच लोग सुकून और सादगी की तलाश कर रहे हैं. ऐसे में जापान की कुछ छोटी-छोटी लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें भारतीय घरों और डेली रूटीन में आसानी से अपनाई जा सकती हैं. 

अगर आप इन जापानी आदतों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाते हैं तो आप सिंपल और सुकून भरी जिंदगी जी पाएंगे, इसके लिए आपको कोई ज्यादा मेहनत नहीं करनी है. बल्कि इन आदतों का मकसद सिर्फ अनुशासन बढ़ाना नहीं, बल्कि घर को सही से रखने, चीजों की कद्र करने, खाने के प्रति आभार जताने और खुद के लिए थोड़ा वक्त निकालने की आदत को पैदा करना है. खास बात यह है कि इनके लिए न ज्यादा पैसे चाहिए और न ही लाइफस्टाइल में बड़े बदलाव. 

घर की सफाई से लेकर खाना खाने और सुबह जल्दी उठने तक, ऐसे कई जापानी तरीके हैं जिन्हें आप अपने डेली रूटीन में आसानी से शामिल कर सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसी 7 आदतों के बारे में.

हयाओकी : सुबह जल्दी उठना

आपके घर में भी बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहते हैं, जो देर तक सोया वो सब खोया. वैसे ही जापान में हयाओकी यानी सुबह जल्दी उठना लोगों की लाइफ का पार्ट है. उनका मानना है कि सुबह का शांत समय पूरे दिन को बेहतर तरीके से शुरू करने का मौका दे सकता है. उठते ही मोबाइल और काम में बिजी होने के बजाय कुछ समय खुद के लिए निकालें. हल्की एक्सरसाइज, चाय-कॉफी के साथ शांत बैठना, दिन की तैयारी करना या कुछ देर अपने विचारों पर ध्यान देना सुबह को कम भागदौड़ वाला बना सकता है.

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सोउजी: सफाई को बनाएं ध्यान का जरिया

जापानी कल्चर में साउजी यानी सफाई को सिर्फ घर के एक काम की तरह लोग नहीं देखते हैं, बल्कि उन लोगों का मानना है कि अपने आसपास की चीजों को सही तरीके से रखने से मन को भी सुकून मिल सकता है. इसलिए रोजाना अपनी लाइफ से कुछ मिनट बिना किसी जल्दबाजी के सफाई करने की आदत को अपनाना चाहिए, इससे आपको मेंटली रीसेट होने में भी मदद मिलती है.

युबुने नी त्सुकारु: नहाने के दौरान आराम

जापान में गर्म पानी से टब में कुछ देर बैठकर नहाने की परंपरा को आराम और सुकून से जोड़ा जाता है. नहाने को सिर्फ शरीर साफ करने की प्रक्रिया मानने के बजाय आप इसे दिनभर की थकान दूर करने का समय बना सकते हैं. कुछ मिनट शांत बैठना स्ट्रोस कम करने और खुद पर ध्यान देने का अच्छा तरीका हो सकता है.

इतादाकिमासु: खाने के प्रति आभार

स्कूलों में लंच से पहले हमेशा शुक्रिया अदा कराया जाता है, यह एक स्कूल रूल नहीं है. बल्कि यह भी जापानी तरीका है, जिसे आज दुनिया स्कूलों के जरिए लोगों की लाइफ का हिस्सा बना रही है. जापान में खाना शुरू करने से पहले पहले इतादाकिमासु कहना बहुत नॉर्मल है. आप भी खाना स्टार्ट करने से पहले कुछ देर रुककर खाने और उसे बनाने वाले इंसान इसके अलावा इसे आपकी थाली का हिस्सा बनाया उसके प्रति अपना आभार व्यक्त करें. ऐसा करने से एक यह फायदा भी होता है कि लोग खाना वेस्ट नहीं करते हैं. 

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 कुत्सु ओ सोरोएरु: जूते सही तरीके से रखना

घर आने के बाद दरवाजे पर जूतों को इधर-उधर फेंकने पर सबको ही अपने बड़ों से डांट पड़ती हैं. मगर क्या आप जानते हैं कि यह भी एक जापानी तरीका है, जिसे वहां के लोग बड़ी शिद्दत से फॉलो करते हैं. जापान में जूतों को अपनी जगह पर सही से रखना जापानी लाइफस्टाइल की एक छोटी आदत है, लेकिन बेहद खूबसूरत है. इसे जापान में कुत्सु ओ सोरोएरु कहा जाता है, जो बाहर और घर के अंदर की लाइफ में एक छोटा ठहराव देता है और घर के अंदर आने का अहसास कराता है. 

मोत्तैनाई: चीजों की कद्र करना

लोगों की लाइफ में सबसे जरूरी है कि वो चीजों की कदर समझें, लेकिन अगर ही यहां मात खा जाते हैं. जापान में मोत्तैनाई ऐसी सोच है, जो बेकार की बर्बादी से बचने और चीजों के महत्व को समझने की इंस्पिरेशन देती है. कपड़े, फर्नीचर या दूसरी घरेलू चीजें खराब होने पर तुरंत फेंकने के बजाय उन्हें ठीक करवाना और दोबारा इस्तेमाल करना इस विचार को अपनाने का आसान तरीका है. यह आदत आपको जरूरत और इच्छा के बीच फर्क समझने में भी मदद कर सकती है.

शुन: मौसम के साथ जुड़ना

जापानी संस्कृति में मौसम के बदलाव और मौसमी चीजों का खास महत्व है. शुन का अर्थ किसी चीज के उसके सबसे सही या मौसमी समय का मजा लेना है. आप भी मौसम के अनुसार मिलने वाले फल-सब्जियों का लुफ्त उठाए, प्रकृति में बदलावों को देखकर और अपने आसपास के वातावरण पर ध्यान देकर इस आदत को जिंदगी में शामिल कर सकते हैं.

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सादगी में छिपा है सुकून

इन जापानी आदतों की खासियत यह है कि इन्हें अपनाने के लिए लाइफ में बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है. छोटे कदम डेली रूटीन को ज्यादा व्यवस्थित और सुकून भरा बना सकता है.

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