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सद्गुरु की सलाह पर खेती की, 2 करोड़ का हुआ नुकसान... फिर भी खुश है ये एक्टर

सैयारा फेम एक्टर राजेश कुमार ने हाल में एक इंटरव्यू में बताया कि सद्गुरु की सलाह मानने के बाद उन्होंने खेती शुरू की लेकिन वो बुरी तरह असफल हुए. जिसके बाद उनपर 2 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया. हालांकि वो इसे एक्सपीरियंस मानते हैं.

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एक्टर राजेश कुमार ने क्या बताया? (Photo: Instagram/@rajeshkumar.official)
एक्टर राजेश कुमार ने क्या बताया? (Photo: Instagram/@rajeshkumar.official)

2017 में एक्टर राजेश कुमार ने अपने करियर में एक चौंकाने वाला बदलाव किया. उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी और खेती करने के लिए अपने होमटाउन गया, बिहार लौट आए. इस फैसले ने कई लोगों को हैरान कर दिया, लेकिन राजेश के लिए यह सद्गुरु के साथ उनके बढ़ते आध्यात्मिक जुड़ाव से गहराई से जुड़ा था. इसके बाद का सफर आसान नहीं था. अगले पांच सालों में, बिना किसी पक्की कमाई के राजेश पर लगभग 2 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया. 

एक समय तो उन्हें अपने बेटे के स्कूल के बाहर सब्जियां तक बेचनी पड़ीं. फिर भी, आर्थिक तंगी और बार-बार मिली नाकामियों के बावजूद, राजेश कहते हैं कि उन्होंने कभी भी खुद को कड़वाहट या डिप्रेशन में नहीं डूबने दिया और वे इस अनुभव को सिर्फ नाकामी नहीं मानते.

 राजेश कुमार ने क्या बताया?
राजेश ने बताया कि किस बात ने उन्हें एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री छोड़कर बागवानी (horticulture) अपनाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि शुरू में उन्हें सद्गुरु की बातें समझ नहीं आती थीं, लेकिन धीरे-धीरे वे उनके अनुयायी बन गए और ईशा फाउंडेशन के लिए कई इवेंट्स भी होस्ट किए. सद्गुरु के 'रैली फॉर रिवर्स' कैंपेन के दौरान, एक खास बात राजेश के मन में बैठ गई और आखिरकार उसने उनके जीवन को देखने के नजरिए को बदल दिया.

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'द मिस्टिक वर्ल्ड' के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'रैली के दौरान सद्गुरु एक बात लगातार कहते थे, 'मुझे अपने राज्य से 100 युवा दो और मैं खेती का चेहरा बदल दूंगा. लेकिन तीन साल तक मुझसे यह मत पूछना कि मेरा क्या होगा?' तो जब 'मैं अपने गांव पहुंचा, तो अचानक मैंने उस बात को अपने लिए पूरा किया कि जिस दिन आप अपने बारे में सोचना छोड़ देते हैं, उसी दिन आप दूसरों के बारे में सोचना शुरू करते हैं और जिस दिन आप दूसरों के बारे में सोचना शुरू करते हैं, दूसरे आपके बारे में सोचना शुरू कर देते हैं.'

एक्टर ने कहा कि खेती के तरीकों और किसानों की समस्याओं के बारे में बढ़ती जानकारी ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि किसानों को बाहर से सलाह देने के बजाय उन्हें खुद उन चुनौतियों का अनुभव करना चाहिए. एक्टर ने कहा,  'मेरे पास जो जानकारी और शिक्षा थी, उसे देखते हुए मुझे लगा कि इस तरफ रहकर किसानों से कीटनाशक न इस्तेमाल करने के लिए कहने के बजाय, मुझे दूसरी तरफ जाकर समस्या को समझना चाहिए. इसलिए मैं दूसरी तरफ गया और खुद किसान बन गया. मैंने बागवानी की कोशिश की और बुरी तरह नाकाम रहा. लेकिन सद्गुरु की कृपा से, मैं इसे नाकामी नहीं कहूंगा. अब मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मैं इसे कामयाबी या नाकामी का लेबल नहीं देना चाहता. मैंने इतना कुछ सीखा जो शायद किसी और तरह से नहीं सीख पाता.'

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किसानी समझने में लगे 5 साल 
राजेश ने बताया कि खेती, मिट्टी और ज़मीन को गहराई से समझने में उन्हें लगभग पांच साल लग गए. लेकिन सीखने के इस सफर में कई बड़ी मुश्किलें भी आईं. उनकी पहली बागवानी तब बर्बाद हो गई जब उस इलाके में लगभग 35 साल बाद बाढ़ आ गई.

प्रोजेक्ट छोड़ने के बजाय, राजेश ने फिर से 15,000 पेड़ लगाए. उन्होंने कहा, 'हालांकि, जल्द ही कोविड-19 महामारी की वजह से उनके काम में रुकावट आ गई. उन्होंने अपनी बागवानी को फिर से खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन एक और मुश्किल सामने आ गई जमीन का जलस्तर (वॉटर टेबल) खत्म हो गया. 'आखिरी कोशिश... और मेरे पास जो पैसे थे, उनसे मैं बोरवेल के लिए सिर्फ 500 फ़ीट तक खुदाई करवा पाया, और पानी की एक बूंद भी नहीं मिली. ये सब चीज़ें एक साथ हो रही थीं.'

बार-बार हुए नुकसान से काफी आर्थिक बोझ भी पड़ा, और आखिर में राजेश पर लगभग 2 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया. फिर भी, उन्होंने कहा कि उनके आध्यात्मिक नजरिए ने उन्हें इन हालात से भावनात्मक रूप से टूटने नहीं दिया. 
'आध्यात्मिकता की वजह से, मैं कभी एंग्जायटी, डिप्रेशन, निराशा या गुस्से का शिकार नहीं हुआ; किसी भी चीज ने मुझे परेशान नहीं किया. कुछ भी नहीं हो रहा था और मैं देख रहा था कि कुछ नहीं हो रहा है. लेकिन मेरी कोशिश और प्रक्रिया नहीं रुकी. आध्यात्मिकता यही तो है.'

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राजेश के लिए, यह अनुभव आखिर में इस बात से ज्यादा अहम था कि उन्होंने इस सफर में क्या सीखा, न कि यह कि उनका खेती का काम कामयाब हुआ या नाकाम. आर्थिक संकट के बावजूद, उन्होंने इस दौर को अपने व्यक्तिगत विकास के एक अहम पड़ाव के तौर पर देखा. तब से उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है. अप्रैल में, राजेश ने बताया कि उनका बकाया कर्ज घटकर लगभग 20 लाख रुपये रह गया है, यानी उनके मूल कर्ज का बहुत छोटा हिस्सा ही बाकी है. उन्होंने 'बॉलीवुड बबल' से कहा, 'मैं अब उस आर्थिक चक्र से बाहर निकल चुका हूँ। कर्ज़ का सिर्फ़ 10-15% हिस्सा ही बाकी है.'

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