
Uttar Pradesh News: भदोही जिले के गोपीगंज में गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर 75 लाख रुपये की लागत से एक विशाल दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण कराया गया है. मां सिंहवाहिनी श्रृंगार समिति द्वारा वर्ष 1991 से चली आ रही परंपरा को इस वर्ष भी कायम रखा गया. कोलकाता से आए 30 कारीगरों ने बांस, लकड़ी और कपड़े से दो महीने की मेहनत कर इस पंडाल को 100 फीट ऊंचा और 80-100 फीट चौड़ा-लंबा भव्य रूप दिया है. शनिवार को विधि-विधान से पूजा के बाद इसे दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया, जिससे पूर्वांचल के दूर-दूर से आ रहे श्रद्धालु 20 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं.
सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर अनोखा निर्माण
भदोही के गोपीगंज में मां सिंहवाहिनी श्रृंगार समिति हर साल नवरात्रि में देश-विदेश के प्रसिद्ध मंदिरों की तर्ज पर पंडाल बनवाती है. समिति 1991 से लगातार यह परंपरा निभा रही है. इस बार गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर की नकल करते हुए बांस, लकड़ियों और कपड़ों से इस भव्य पंडाल को सजाया गया है. इसकी ऊंचाई करीब 100 फीट और लंबाई-चौड़ाई 80 से 100 फीट है.

कलकत्ता के कारीगरों की दो महीने की मेहनत
इस खूबसूरत और विशाल पंडाल को तैयार करने में कलकत्ता के 30 मजदूरों और कलाकारों ने दो महीने तक दिन-रात अथक परिश्रम किया है. बंगाल से आए कलाकारों ने ही पंडाल के अंदर स्थापित 20 फीट ऊंची मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की मनमोहक व विशाल प्रतिमाओं को गढ़ा है, जो हर देखने वाले का मन मोह रही हैं.
पूर्वांचल में आकर्षण का मुख्य केंद्र
यह पूजा पंडाल पूर्वांचल भर में अपनी भव्यता के लिए एक अलग पहचान रखता है. शनिवार को आयोजकों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद इसे आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया. इसके बाद से ही भदोही समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अनूठे पंडाल को देखने और मां के दर्शन करने पहुंच रहे हैं.