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पुजारी नहीं वो 'तांत्रिक' है... दो दोस्तों के हत्यारे बाबा पर परिजनों का दावा, बोले- 'नरबलि' देता था

बागपत के लहचौड़ा गांव में मंदिर परिसर से दो दोस्तों के शव मिलने के मामले में मृतकों के परिवार ने आरोपी बाबा नरेश नाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का दावा है कि वह पुजारी नहीं, बल्कि तांत्रिक गतिविधियों में शामिल था और नरबलि देता था. हालांकि, पुलिस जांच में इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है.

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फरार आरोपी के गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित.(Photo: Manudev Upadhyay/ITG)
फरार आरोपी के गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित.(Photo: Manudev Upadhyay/ITG)

बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र के लहचौड़ा गांव स्थित गणेश मंदिर में दो दोस्तों की हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. मृतक अंकित और इसरार के परिजन इंसाफ की मांग लेकर बागपत पुलिस ऑफिस पहुंचे. वहां उन्होंने मंदिर के महंत नरेश नाथ को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की.

परिजनों का कहना है कि नरेश नाथ को सिर्फ मंदिर का पुजारी समझना गलत है. उनके मुताबिक वह कथित तौर पर तांत्रिक गतिविधियों में शामिल था. परिवार ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि बाबा इंसानों की 'नरबलि' तक देता था. हालांकि इस दावे की अभी स्वतंत्र या पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है.

यह भी पढ़ें: बागपत मर्डर मिस्ट्री: गणेश मंदिर, कातिल महंत, हवन कुंड में दफन दो लाशें... अब अफेयर की थ्योरी पर मृतक की बहन ने तोड़ी चुप्पी

परिजनों का दावा- पहले भी गांव से भगाया गया था

मृतकों के परिवार के मुताबिक, नरेश नाथ करीब छह महीने से लहचौड़ा के गणेश मंदिर में रह रहा था. गांव में उसकी पहचान धार्मिक व्यक्ति के तौर पर थी. लोग उस पर भरोसा करते थे और मंदिर में पूजा-पाठ के लिए भी पहुंचते थे. परिजनों का आरोप है कि बाबा ने इसी धार्मिक छवि और लोगों की आस्था का फायदा उठाया.

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परिजनों ने दावा किया कि नरेश नाथ इससे पहले सिंगोली तगा गांव के एक मंदिर में भी रह चुका था, जहां से उसे कथित तौर पर भगा दिया गया था. परिवार का कहना है कि उसके तांत्रिक गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी उन्हें बाद में मिली. इन आरोपों की वास्तविकता अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

मृतकों की परिजन ज्योति ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके बच्चों के साथ हुआ, आरोपी के साथ भी वैसा ही होना चाहिए. ज्योति का दावा है कि उन्होंने सुना है कि बाबा इंसानों की बलि देता था. परिवार ने कहा कि आरोपी लोगों के बीच धार्मिक व्यक्ति की छवि बनाकर गलत फायदा उठा रहा था.

हवनकुंड के पास जमीन में दबे मिले थे शव

पूरा मामला गणेश मंदिर परिसर में दो युवकों के शव मिलने के बाद सामने आया था. कुछ दिन पहले मंदिर में हवनकुंड के पास जमीन के भीतर से अंकित और इसरार के शव बरामद हुए थे. दोनों दोस्तों की हत्या के बाद उनके शवों को कथित तौर पर मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दफन किया गया था.

पुलिस के मुताबिक, शवों को छिपाने के बाद ऊपर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछा दी गई थीं, ताकि किसी को वहां दफन किए जाने का शक न हो. शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मंदिर के महंत नरेश नाथ को आरोपी बनाया.

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पुलिस की अब तक की जांच में हत्या के पीछे अवैध संबंधों का एंगल सामने आया है. आरोप है कि नरेश नाथ के मृतक अंकित की बहन के साथ संबंध थे. इसी को लेकर विवाद हुआ और इसके बाद दोनों दोस्तों की हत्या किए जाने की आशंका जताई गई है. हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही साफ होगी.

आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित

दोनों दोस्तों की हत्या के बाद से आरोपी बाबा नरेश नाथ फरार बताया जा रहा है. बागपत पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया गया है. कई पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश में जुटी हैं.

बागपत पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर जानकारी साझा की गई है. पुलिस की प्राथमिकता आरोपी को जल्द गिरफ्तार करना और हत्या के पीछे की पूरी वजह सामने लाना है. इसके लिए उपलब्ध साक्ष्यों और सामने आए आरोपों की भी जांच की जा रही है.

वहीं, मृतकों के परिजनों ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात कहते हुए न्याय की लड़ाई में मदद की अपील की है. परिवार चाहता है कि अंकित और इसरार की हत्या के जिम्मेदार व्यक्ति को सख्त सजा मिले. दूसरी ओर, बाबा पर लगाए गए नरबलि जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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