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SBI ने पहले ही की थी शिकायत, राम मंदिर ट्रस्ट ने नहीं बदलने दिए कर्मचारी, चढ़ावा चोरी में नया खुलासा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच अब ऑडिट फेज में पहुंच गई है. जांच एजेंसियां फाइनेंशियल ट्रेल खंगालने के लिए बैंक खातों से लेनदेन की ऑडिट करने में जुटी हैं. वहीं, एसबीआई के अधिकारियों का दावा है कि संदिग्ध अनियमितता की शिकायत ट्रस्ट और पुलिस, दोनों से तीन महीने पहले ही कर दी गई थी.

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तीन महीने पहले ही चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारी बदलना चाहता था बैंक (Photo: ITGD)
तीन महीने पहले ही चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारी बदलना चाहता था बैंक (Photo: ITGD)

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी की जांच तेज हो गई है. चढ़ावा चोरी केस की जांच अब में अब बैंक खातों तक पहुंच गई है. चढ़ावा चोरी की जांच अब ऑडिट के अहम चरण में पहुंच गई है. अयोध्या पुलिस ने सात बैंकों से पिछले पांच वर्ष का रिकॉर्ड तलब किया है. इन बैंकों में ही चढ़ावा चोरी के आरोप में पकड़े गए आठ आरोपियों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते हैं.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों ने बैंक खातों का स्टेटमेंट, लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड, केवाईसी दस्तावेज मांगे हैं. इसके पीछे फाइनेंशियल ट्रेल का पता लगाने की कोशिश वजह बताई जा रही है. सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे मंशा इस बात का पता लगाना है कि राम मंदिर के दान प्रबंधन से जुड़े होने के दौरान इन आरोपियों के खाते से असामान्य जमा या निकासी या किसी और खाते में पैसा ट्रांसफर तो नहीं हुआ.

बताया जाता है कि चढ़ावा चोरी की जांच के दौरान पुलिस की एक टीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की अयोध्या धाम शाखा भी पहुंची, जहां ट्रस्ट का दान से संबंधित खाता संचालित होता है. पुलिस टीम ने एसबीआई की ब्रांच से बैंकिंग रिकॉर्ड जुटाए. पुलिस ने छह अन्य बैंकों की ब्रांच का भी दौरा किया. जांच के दौरान जमा पर्चियों के साथ ही बैंक खाते के स्टेटमेंट, लेन-देन के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.

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जमा पर्चियों और लेन-देन के रिकॉर्ड से मंदिर प्रशासन की ओर से दर्ज दान का रिकॉर्ड मैच कराकर भी देखा जा रहा है. बैंकिंग रिकॉर्ड का मिलान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के साथ ही उपस्थिति रजिस्टर, नकद जमा रजिस्टर और जांच के दौरान जब्त किए गए अन्य दस्तावेजों से भी किया जाएगा. पुलिस ने एसबीआई की नया घाट शाखा के अधिकारियों से भी मैराथन पूछताछ की है.

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एसबीआई से जुड़े सूत्रों की मानें तो संदिग्ध अनियमितता के संबंध में तीन महीने पहले ही पुलिस और ट्रस्ट को जानकारी दे दी गई थी. बैंक की ओर से इस संबंध में जानकारी दे दिए जाने के बाद भी न तो पुलिस और ना ही ट्रस्ट ने इसे लेकर कोई कार्रवाई की. सूत्रों का यह भी दावा है कि बैंक चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों को भी तीन महीने पहले ही बदलना चाहता था, लेकिन ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने इसके लिए अनुमति नहीं दी.

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