इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के स्कूलों में बुर्का और नकाब पर बैन लगाने का फैसला किया है. उनके इस ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया विवाद शुरू हो गया है. भारत में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस मेलोनी के इस फैसले का विरोध जताया है.
मिलान में अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के युवा विंग के एक कार्यक्रम में मेलोनी ने स्कूलों में बुर्के और नकाब पर बैन लगाने की बात कही थी.
लखनऊ में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने उनके इस कदम को 'धर्म की आजादी' के खिलाफ बताया.
'धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ'
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, 'इटली की प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि वो स्कूलों में हिजाब बैन का प्रस्ताव लाएंगे. ये धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है.'
फिरंगी ने आगे कहा, 'ये देश खासकर पश्चिमी दुनिया, जो दावा करते हैं कि वो अपने नागरिकों को हर तरह की आजादी देते हैं, ये इस बात का उदाहरण है कि ये देश कैसे दोहरा रवैया अपना रहे हैं.'
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फिरंगी महली ने PM मेलोनी को सलाह दी कि इटली की प्रधानमंत्री को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि ये प्रस्ताव इटली की संसद में पास नहीं होगा.