जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni, Politician) इटली की राजनीतिज्ञ हैं. 2006 से इटली में चैंबर ऑफ डेप्युटीज (Chamber of Deputies) की सदस्य हैं और उन्होंने 2014 से ब्रदर्स ऑफ इटली (FdI) राजनीतिक दल का नेतृत्व किया है. 2020 से यूरोपीय कंजरवेटिव्स एंड रिफॉर्मिस्ट्स पार्टी की अध्यक्ष हैं. 2022 के इटली आम चुनाव में मेलोनी के अगले प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद है (Giorgia Meloni Italy PM Candidat).
1992 में, मेलोनी इटालियन सोशल मूवमेंट (MSI) की युवा शाखा, यूथ फ्रंट में शामिल हो गई, जो 1946 में इतालवी फासीवादी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के पूर्व अनुयायियों द्वारा स्थापित एक नव-फासीवादी राजनीतिक दल था. वह बाद में नेशनल एलायंस (एएन) के छात्र आंदोलन, स्टूडेंट एक्शन की राष्ट्रीय नेता बन गईं, जो एक फासीवादी पार्टी थी. जो 1995 में एमएसआई की कानूनी उत्तराधिकारी बनी. वह 1998 से 2002 तक रोम प्रांत की पार्षद रहीं, जिसके बाद वह एएन की युवा शाखा यूथ एक्शन की अध्यक्ष बनीं. 2008 में, उन्हें बर्लुस्कोनी IV कैबिनेट में युवा मंत्री नियुक्त किया गया. 2012 में, उन्होंने AN के कानूनी उत्तराधिकारी FdI की सह-स्थापना की और 2014 में इसके अध्यक्ष बनीं. 2018 के इटली आम चुनाव के बाद विपक्ष में FdI का नेतृत्व किया (Giorgia Meloni Political Career).
जॉर्जिया मेलोनी का जन्म 15 जनवरी 1977 को रोम (Rome) में हुआ था (Giorgia Meloni Age). उनके पिता सार्डिनिया से थे और मां सिसिली से थी (Giorgia Meloni Parents). मेलोनी ने 1996 में रोम के अमेरिगो वेस्पूची संस्थान (AVI) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की (Giorgia Meloni Education).
इटली में स्कूलों को लेकर मेलोनी सरकार ने अहम फैसला लिया है. अब सरकार ने एक क्लास में सीमित इटैलियन भाषा जानने वाले छात्रों की संख्या तय करने के साथ स्कूलों में चेहरा ढकने वाले इस्लामिक नकाब पर भी रोक लगाने का फैसला किया है.
Giorgia Meloni Italy Burqa Ban इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बड़ा बदलाव किया है अब बुर्का और नकाब पर रोक होगी, जबकि हिजाब की अनुमति रहेगी साथ ही इटैलियन भाषा कम जानने वाले छात्रों के लिए 30% नियम भी लागू किया गया है. वीडियो में जानिए पूरा मामला.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर बैन लगाने का फैसला किया है. मेलोनी के इस फैसले का भारत के ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने विरोध किया है. AIMPLB के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया हैऔर मेलोनी से इस फैसले पर दोबारा सोचने की अपील की है.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार देश के स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की बड़ी योजना बना रही है. सरकार का स्पष्ट मानना है कि स्कूल जैसी जगहों पर चेहरा पूरी तरह से खुला होना चाहिए ताकि बच्चों की पहचान और आपस में बातचीत करने में कोई बाधा न आए. जॉर्जिया मेलोनी के अनुसार, किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक परंपरा के नाम पर किसी भी लड़की को स्कूल में अपना चेहरा पूरी तरह से ढकने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों से जुड़े नए नियमों का ऐलान किया है. प्रस्ताव में बुर्का-नकाब पर रोक, हर कक्षा में गैर-इतालवी छात्रों की सीमा और कुछ माता-पिता के लिए इतालवी सीखने की शर्त शामिल है.
इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की तैयारी कर रही है. साथ ही विदेशी छात्रों की कक्षा में संख्या सीमित करने और जरूरत पड़ने पर उनके माता पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की योजना है. प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है और अंतिम नियम कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे साफ.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के युद्ध के बाद के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड बना लिया है. इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. मेलोनी की सरकार ने सिल्वियो बर्लुस्कोनी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 1,413 दिन पूरे किए.
पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ अपने ऑरा वर्ल्ड टूर के तहत यूरोप और एशिया के कई शहरों में अपनी पंजाबी एनर्जी-स्टाइल से फैंस का दिल जीत रहे हैं. हाल ही में इटली पहुंचे दिलजीत ने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मजाकिया अंदाज में टैग किया.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार का रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही हैं. करीब 80 साल में इटली में लगभग 70 सरकारें बदल चुकी हैं. साधारण परिवार से निकलकर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने वाली मेलोनी ने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई. उनकी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली, प्रवासन और सरोगेसी जैसे मुद्दों पर सख्त रुख के लिए जानी जाती है.
जॉर्जिया मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं. 1946 के बाद सबसे लंबे समय तक इटली में प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली नेता वे बनने वाली हैं.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. बीजेपी ने राहुल गांधी पर इटली की प्रधानमंत्री का अपमान करने का आरोप लगाया, जबकि संजय राउत ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए बीजेपी की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मावलंकर हॉल में रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन के दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा कि सरकार की विदेश नीति का मतलब सिर्फ गले लगना है.
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की अचानक मौत के बाद ईरान के बड़े अखबारों ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को कड़ी चेतावनी दी है. ईरानी अखबारों ने ग्राहम की मौत को अमेरिका के खिलाफ एक संदेश के रूप में पेश किया है. ईरान ने एक हिट लिस्ट तैयार की है जिसमें ट्रंप और नेतन्याहू समेत 13 नेताओं के नाम शामिल हैं.
एक समय ट्रंप और मेलोनी को स्वाभाविक राजनीतिक सहयोगी माना जाता था. दोनों नेता आव्रजन, राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर समान रूढ़िवादी विचार रखते हैं. 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली मेलोनी एकमात्र यूरोपीय नेता थीं. इससे यह धारणा बनी थी कि यूरोप में इटली, अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी बन सकता है.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत में हुए अपने शानदार स्वागत को लेकर एक दिलचस्प बात शेयर की है. मेलोनी ने बताया है कि उन्हें भारत में जैसा स्वागत मिला, उसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने 2023 के भारत दौरे से जुड़ा एक खास अनुभव साझा किया है. उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में उनके स्वागत और विदाई के लिए लगाए गए पोस्टर उन्हें आज भी याद हैं. यह किस्सा उनकी नई किताब में दर्ज है. भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात और 'मेलोडी' की चर्चा भी दुनिया भर में सुर्खियों में रही थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु खतरे से निपटने की कोशिशों में शामिल ना होने को लेकर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात नहीं कि इटली हमारी और बाकी दुनिया की रक्षा के लिए मौजूद नहीं है. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर पलटवार किया. ट्रम्प का कहना है कि फ्रांस में हुई एक बैठक के दौरान मेलोनी बार-बार उनसे तस्वीरें खिंचवाने का अनुरोध कर रही थीं. ट्रम्प के अनुसार, मेलोनी यह सब अपनी गिरती लोकप्रियता को बचाने के लिए कर रही हैं.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उनकी लोकप्रियता को ट्रंप के समर्थन और नजदीकी संबंधों से जोड़कर देखा गया था. मेलोनी ने स्पष्ट कहा कि उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और जनसमर्थन उनकी नीतियों, नेतृत्व क्षमता और जनता के भरोसे का परिणाम है, न कि किसी विदेशी नेता की दोस्ती का. उन्होंने संकेत दिया कि इटली की राजनीति में उनकी स्थिति स्वतंत्र रूप से मजबूत हुई है. मेलोनी के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोनों नेताओं के रिश्तों और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.
ट्रंप के आरोपों को लेकर मलोनी ने साफ किया कि वह अपनी लोकप्रियता के लिए किसी की दोस्ती पर निर्भर नहीं हैं. उन्होंने ट्रंप के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता अन्य कारणों पर आधारित है, न कि किसी व्यक्ति की दोस्ती पर. इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि मलोनी अपने राजनीतिक जीवन में स्वतंत्र और आत्मनिर्भर हैं.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है. मेलोनी ने कहा है कि उनकी लोकप्रियता ट्रंप के दोस्त होने पर निर्भर नहीं करती है.