
आगरा में भू-राजस्व की वसूली को लेकर तहसील सदर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. 8.65 करोड़ रुपये की बकायेदारी के मामले में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के कार्यालय को सील कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और बाहरी लोगों को बाहर निकाल दिया गया.
मामला आगरा के तहसील सदर क्षेत्र का है. आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय पर भू-राजस्व की करीब 8.65 करोड़ रुपये की बकायेदारी बताई गई है. यह रकम अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नाम बकाया है. बकाया वसूली के लिए तहसील प्रशासन की ओर से पहले भी नोटिस और वसूली प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके थे, लेकिन रकम जमा नहीं होने पर अब कुर्की की कार्रवाई की गई.
कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
बकाया वसूली को लेकर 29 वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी किए गए थे. इसके बाद 29 लोगों ने दीवानी अदालत का दरवाजा खटखटाया. मामले की सुनवाई के बाद जिला जज ने 15 जुलाई को सुनवाई की और 29 आरसी की वसूली के आदेश दिए.
इसके बाद तहसील सदर प्रशासन ने बकाया रकम जमा कराने के लिए अधिशासी अभियंता से संपर्क किया और भुगतान के लिए दबाव बनाया. लेकिन बकाया जमा नहीं होने पर 10 अगस्त को कोर्ट के आदेश के आधार पर एसडीएम सदर विक्रम सिंह ने अधिशासी अभियंता के कार्यालय की कुर्की के आदेश जारी कर दिए.
सील करने तहसील की टीम पहुंची
कोर्ट के आदेश के बाद तहसील सदर की टीम उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय पहुंची. एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार बिचपुरी रजनीश रंधावा की निगरानी में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी. टीम जब कार्यालय पहुंची तो अधिशासी अभियंता समेत कर्मचारी और बड़ी संख्या में बाहरी लोग कार्यालय में मौजूद थे. कार्यालय में कुल आठ चैंबर थे, जिनमें करीब 12 लोग मौजूद बताए गए.

तहसील टीम ने पहले सभी को कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा. कुछ कर्मचारियों ने टीम की कार्रवाई का विरोध किया और बाहर निकलने से मना कर दिया. इसके बाद कर्मचारियों ने कोर्ट का आदेश भी दिखाया. हालांकि टीम ने उन्हें करीब 20 मिनट में कार्यालय खाली करने के लिए कहा.
आठों चैंबर किए गए सील
कार्यालय खाली होने के बाद तहसील प्रशासन की टीम ने आठों चैंबर को सील कर दिया. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी लोग भी मौके पर मौजूद रहे. एसडीएम सदर विक्रम सिंह ने फोन पर मौखिक तौर से जानकारी दी है कि भू-राजस्व की बकाया रकम की वसूली के लिए यह कार्रवाई की गई है.
खास बात यह है कि तहसील प्रशासन द्वारा किसी विभाग के कार्यालय पर इस तरह की कार्रवाई किए जाने का यह मामला चर्चा में है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8.65 करोड़ रुपये की बकाया रकम आखिर कब जमा होगी और क्या कुर्की के बाद प्रशासन अगली कार्रवाई भी करेगा? तहसील प्रशासन ने साफ किया है कि बकाया वसूली की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.