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22 साल का अमित, 19 की नरगिस... 20 दिन तक लखनऊ में रहे साथ, फिर बंद कमरे में पलट गई कहानी

लखनऊ के चिनहट स्थित गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 101 में 22 वर्षीय अमित और 19 वर्षीय नरगिस के शव मिले. दोनों 23 अगस्त से यहां साथ रह रहे थे. पुलिस को कमरे से आर्य समाज मंदिर का मैरिज सर्टिफिकेट और सुसाइड नोट मिला है. हरदोई में नरगिस के अपहरण का मुकदमा भी दर्ज था. अब पुलिस दोनों की 20 दिन की पूरी कहानी और मौत की वजह तलाश रही है.

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अमित और नर्गिस ने गेस्ट हाउस में एक साथ जान दे दी (Photo:ITG)
अमित और नर्गिस ने गेस्ट हाउस में एक साथ जान दे दी (Photo:ITG)

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में एक गेस्ट हाउस का कमरा नंबर 101 में हरदोई के रहने वाले 22 साल के अमित कुमार और 19 वर्षीय नरगिस पिछले करीब 20 दिनों से एक साथ रह रहे थे. दोनों का धर्म भले ही अलग-अलग था लेकिन दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी. इसके बाद उनके साथ क्या हुआ, इसकी पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है लेकिन उसी कमरे से दोनों का शव मिलने सनसनी फैल गई. पुलिस को मौके से आर्य समाज मंदिर का मैरिज सर्टिफिकेट और एक सुसाइड नोट भी मिला है. मामला चिनहट थाना क्षेत्र के धावा इलाके में स्थित रेड बिल्डिंग गेस्ट हाउस का है. पुलिस अब कमरे में बिताए गए दोनों के करीब 20 दिनों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है.

23 अगस्त को लिया था कमरा नंबर 101

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक अमित और नरगिस 23 अगस्त से गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 101 में ठहरे हुए थे. करीब 20 दिनों तक दोनों वहीं रहे. गेस्ट हाउस संचालक राकेश यादव ने पुलिस को सूचना दी कि कमरे में ठहरे युवक-युवती ने फांसी लगा ली है. सूचना मिलते ही चिनहट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. कमरे में दोनों फंदे पर मिले. पुलिस ने दोनों को नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. अब पुलिस के सामने पहला सवाल यही है कि 23 अगस्त से 9 सितंबर के बीच आखिर कमरा नंबर 101 में क्या-क्या हुआ?

हरदोई से शुरू होती है कहानी

जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि अमित और नरगिस दोनों हरदोई जिले के रहने वाले थे. अमित कुमार की उम्र 22 साल है और वह हरपालपुर थाना क्षेत्र के अरवलपुर गांव का निवासी था. उसके पिता का नाम ओम प्रकाश बताया गया है. वहीं 19 वर्षीय नरगिस हरदोई के पालिया पंचशाला की रहने वाली थी. उसके पिता का नाम उस्मान बताया गया है. दोनों के लखनऊ पहुंचने से पहले की कहानी अब पुलिस की जांच का अहम हिस्सा है. खासकर इसलिए क्योंकि हरदोई पुलिस से संपर्क करने पर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई. पुलिस को जानकारी मिली कि नरगिस के लापता होने के बाद हरपालपुर थाने में उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह घर से कब निकली, अमित के साथ कब और कैसे संपर्क में आई और दोनों लखनऊ कैसे पहुंचे. इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि दोनों के परिवारों को उनके रिश्ते और लखनऊ में रहने की जानकारी थी या नहीं. फिलहाल पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है. किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस दस्तावेजों और दूसरे साक्ष्यों की पुष्टि कर रही है.

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कमरे से मिला शादी का सर्टिफिकेट

कमरा नंबर 101 की जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसा दस्तावेज मिला, जिसने मामले की कहानी को नया मोड़ दे दिया. पुलिस के मुताबिक, कमरे से आर्य समाज मंदिर का मैरिज सर्टिफिकेट बरामद हुआ है. इसमें अमित और नरगिस की शादी का उल्लेख है. सर्टिफिकेट में युवती का नाम नरगिस उर्फ पूजा लिखा हुआ है. पुलिस ने दस्तावेज को कब्जे में लेकर इसकी जांच शुरू कर दी है. यह सर्टिफिकेट कब और कहां जारी हुआ, दोनों की शादी किन परिस्थितियों में हुई और परिवार को इसकी जानकारी थी या नहीं इन तमाम सवालों की पड़ताल की जा रही है. युवती के खिलाफ हरदोई में दर्ज अपहरण के मुकदमे के साथ इस दस्तावेज का संबंध भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है.

फिर मिला सुसाइड नोट

पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है. इसे जांच में अहम सुराग माना जा रहा है. हालांकि पुलिस ने अभी सुसाइड नोट की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया. सुसाइड नोट में क्या लिखा है, उसकी पुष्टि और लिखावट की जांच के साथ पुलिस दूसरे साक्ष्यों से भी उसका मिलान कर सकती है. यही वजह है कि फिलहाल पुलिस मौत के पीछे की वजह को लेकर किसी एक संभावना पर नहीं पहुंची है. कमरे की बुकिंग किस दस्तावेज के आधार पर हुई? दोनों से मिलने गेस्ट हाउस में कौन-कौन लोग आए? उनके मोबाइल फोन पर किन लोगों से बातचीत हुई? पिछले कुछ दिनों में उनकी गतिविधियां कैसी थीं? इन सवालों के जवाब भी जांच की दिशा तय कर सकते हैं. गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी पुलिस देख सकती है. इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि दोनों के साथ कोई और व्यक्ति तो लगातार संपर्क में नहीं था.

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एफएसएल टीम ने कमरे से जुटाए साक्ष्य

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया. टीम ने कमरे से जरूरी साक्ष्य जुटाए. कमरे की स्थिति, फंदे से जुड़े साक्ष्य, वहां मौजूद सामान और दस्तावेजों की जांच की गई. पुलिस के मुताबिक, मौके से मिले मैरिज सर्टिफिकेट और सुसाइड नोट को भी कब्जे में लिया गया है. अब इन साक्ष्यों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दूसरे पहलुओं से जोड़कर देखा जाएगा.

डीसीपी ने क्या बताया 

डीसीपी ईस्ट दीक्षा शर्मा ने बताया कि 9 सितंबर की रात चिनहट थाना क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में युवक और युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों के शव नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाए गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डीसीपी के अनुसार, मौके पर एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं. वहां से मैरिज सर्टिफिकेट और सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.

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