अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क में एक कपल छुट्टियां मनाने और हाइकिंग करने गया था. उन्हें क्या पता था कि जिस जंगल में वे पहले चार बार घूम चुके थे, उनकी पांचवीं यात्रा जिंदगी की सबसे खौफनाक घटना बन जाएगी. अचानक सामने आए एक ग्रिजली भालू ने पति पर हमला कर दिया. पत्नी कुछ ही दूरी पर छिपी हुई थी और अपनी आंखों के सामने पति को भालू के हमले का शिकार होते देख रही थी.
भालू ने पत्नी को भी जमीन से उठाकर पटक दिया, लेकिन वह किसी तरह बच गई. इसके बाद उसने जमीन पर मरने का नाटक किया. कुछ देर बाद भालू अपने बच्चों के साथ वहां से चला गया.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 2011 की है. अमेरिकी नेशनल पार्क सर्विस ने इस घातक घटना से जुड़ी एक विस्तृत घटना रिपोर्ट अब प्रकाशित की है. इसमें इस भयावह हमले का दिल दहला देने वाला विवरण है. यह रिपोर्ट यहां आने वाले लोगों को भालू से सतर्क रहने और इस तरह के हालत में कैसे खुद के बचाव में मदद करता है.
इस रिपोर्ट में 911 कॉल की रिकॉर्डिंग और जांच रिपोर्ट का विवरण भालू के खौफनाक हमले की पूरी कहानी बताती है. 57 साल के ब्रायन मतायोशी और उनकी पत्नी मैरीलिन मतायोशी 5 जुलाई 2011 को अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क पहुंचे थे.
यह पार्क भालुओं समेत कई जंगली जानवरों के लिए जाना जाता है. कपल पहले भी चार बार यहां आ चुका था. पिछली यात्राओं के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई थी. 5 जुलाई की रात उन्होंने ग्रांट विलेज कैंपसाइट में कैंप लगाया. अगली सुबह यानी 6 जुलाई को दोनों सुबह करीब 8:30 बजे हाइकिंग के लिए निकल पड़े.
भालू को देखा और तस्वीरें भी खींचीं
सुबह करीब 10:15 बजे हाइकिंग के दौरान उनकी मुलाकात एक अकेले पुरुष हाइकर से हुई. उस शख्स ने उन्हें पास में मौजूद एक मादा भालू और उसके दो बच्चों के बारे में बताया.
ब्रायन और मैरीलिन ने भी उस मादा भालू और उसके बच्चों को देखा और उनकी तस्वीरें खींचीं. उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यही मादा भालू उनकी जिंदगी की सबसे खौफनाक घटना की वजह बनने वाली है. तस्वीरें लेने के बाद दोनों करीब डेढ़ मील आगे तक गए. लेकिन वहां मच्छरों से परेशान होकर उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया.
अचानक करीब 100 गज दूर दिखा भालू
वापस लौटते समय दोनों पश्चिम की तरफ बढ़ रहे थे. तभी ब्रायन की नजर एक भालू पर पड़ी. नेशनल पार्क सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक, भालू करीब 100 गज यानी लगभग 90 मीटर दूर एक मैदान में सिर झुकाए खड़ा था.
ब्रायन ने अपनी पत्नी को बताया. मैरीलिन ने भी भालू को देख लिया. दोनों ने तुरंत पीछे मुड़कर पेड़ों की तरफ जाने का फैसला किया. उनके पीछे करीब 20 गज की दूरी पर पेड़ों का सहारा था. लेकिन दोनों बार-बार पीछे मुड़कर भालू को देख रहे थे. फिर अचानक उन्होंने देखा कि भालू ने अपना सिर ऊपर उठा लिया है और सीधे उनकी तरफ देख रहा है.
भालू ने अचानक कर दिया हमला
इसके बाद मादा ग्रिजली भालू उनकी तरफ दौड़ पड़ी. ब्रायन और मैरीलिन भी जान बचाने के लिए भागने लगे. वे पीछे की तरफ भागते हुए चिल्ला रहे थे.दोनों करीब 173 गज यानी लगभग 158 मीटर तक भागे. लेकिन भालू उनसे तेज था. कुछ ही देर में उसने उन्हें पकड़ लिया.
मैरीलिन के मुताबिक, उनका पति उस वक्त भी खड़ा था, तभी भालू ने उस पर हमला किया. मैरीलिन पास में गिरे हुए पेड़ों के पीछे छिप गईं.
पेड़ के पीछे छिपी पत्नी सुनती रही पति की चीखें
मैरीलिन ने खुद को नीचे किया और सिर तथा गर्दन को अपने हाथों से ढक लिया. उन्हें पति की चीखें सुनाई दे रही थीं. साथ ही भालू के गुर्राने की आवाज भी आ रही थी. वह डर के मारे पेड़ के पीछे और नीचे छिपने की कोशिश कर रही थीं.
लेकिन तभी आवाजें अचानक बंद हो गईं. मैरीलिन ने ऊपर देखा तो भालू ब्रायन के पास खड़ा था और उसकी नजर सीधे मैरीलिन पर थी. कुछ ही पल बाद भालू ने मैरीलिन के बैकपैक को पकड़कर उन्हें जमीन से उठा लिया. फिर उसे नीचे छोड़ दिया.
पत्नी ने जमीन पर मरने का नाटक किया
भालू के इस हमले के बाद मैरीलिन वहीं जमीन पर सिकुड़कर लेट गईं और मरने का नाटक करने लगीं. वह कुछ देर तक बिल्कुल शांत रहीं.कुछ समय बाद जब उन्होंने ऊपर देखा तो भालू और उसके दोनों बच्चे वहां से जा चुके थे. यही वह पल था जिसने मैरीलिन की जान बचा ली.
भालू के जाने के बाद मैरीलिन अपने पति के पास पहुंचीं. उन्होंने ब्रायन को करवट से लिटाने की कोशिश की और उनके सिर के पास बैग रखा. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मैरीलिन ने अपने पति की आखिरी लंबी सांस सुनी और फिर सब शांत हो गया. ब्रायन की मौत हो चुकी थी.
सुबह 11:09 बजे मैरीलिन ने अपने मोबाइल से 911 पर फोन करने की कोशिश की. उन्होंने कम से कम 21 बार कॉल करने की कोशिश की, लेकिन फोन कनेक्ट नहीं हो पाया. वह बेहद डरी हुई थीं. उन्होंने अपने पति के शरीर को दो हल्की जैकेट से ढक दिया.
मैरीलिन कई बार ट्रेलहेड की तरफ जाने की कोशिश करतीं, लेकिन फिर रुक जातीं. उन्हें डर था कि अगर वह पति को अकेला छोड़कर चली गईं तो भालू वापस आ सकता है. साथ ही उन्हें खुद भी दोबारा भालू का सामना होने का डर था. इसलिए वह लगातार मदद के लिए चिल्लाती रहीं.
आखिरकार वह उस मैदान के किनारे तक पहुंचीं, जहां से भालू ने हमला किया था. यहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंचे रेंजर्स ने उन्हें ढूंढ लिया.
जांच में सामने आई भागने की बड़ी वजह
घटना के बाद करीब दो महीने तक जांच चली. भालू पर शोध करने वाले विशेषज्ञों और वन्यजीव अधिकारियों ने घटना का अध्ययन किया. जांच में माना गया कि भालू को देखने के बाद ब्रायन और मैरीलिन का करीब 173 गज तक भागना और चिल्लाना हमले को और गंभीर बनाने वाली वजह हो सकता है.
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में भालू शायद यह समझने की कोशिश कर रहा था कि सामने मौजूद दोनों लोग क्या कर रहे हैं. लेकिन जब वे भागने लगे और चिल्लाए तो भालू ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया.
यानी जो सामना शुरू में सिर्फ भालू की मौजूदगी तक सीमित था, वह भागने के बाद एक खतरनाक पीछा करने में बदल गया. जांच में यह भी सामने आया कि ब्रायन और मैरीलिन के पास बियर स्प्रे नहीं था.
येलोस्टोन नेशनल पार्क में अधिकारियों की ओर से हाइकर्स को भालुओं से बचाव के लिए बियर स्प्रे साथ रखने की सलाह दी जाती है. बियर स्प्रे एक तरह का तेज पेपर स्प्रे होता है, जिसका इस्तेमाल हमलावर भालू को रोकने के लिए किया जाता है. लेकिन उस दिन इस कपल के पास ऐसा कोई स्प्रे नहीं था.
911 कॉल में सुनाई दीं चीखें
घटना के बाद सामने आई 911 कॉल रिकॉर्डिंग इस हमले को और खौफनाक बना देती है.एक हाइकर ने फोन पर बताया कि उसे ऐसा लगा जैसे कोई व्यक्ति भालू को डराने की कोशिश कर रहा था. इसके बाद उसे एक महिला के चीखने की आवाज सुनाई दी.
कुछ देर बाद एक दूसरे व्यक्ति ने 911 पर फोन किया. वह खुद ट्रॉमा सर्जन था और उसने बताया कि वह हमले की जगह से कुछ ही दूरी पर था. डिस्पैचर ने उससे पूछा कि क्या उसने दोनों को कुछ कहते हुए सुना या वे सिर्फ मदद के लिए चिल्ला रहे थे.
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उसने जवाब दिया कि उसे सिर्फ मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी. उसे महिला की आवाज लगातार सुनाई दे रही थी, लेकिन पुरुष की आवाज नहीं आ रही थी.उसे अंदाजा हो गया था कि शायद पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गया है. वही ब्रायन मतायोशी की जिंदगी के आखिरी पलों में से एक था.