
जब भी दुनिया की सबसे सफल ब्यूटी क्वीन की बात होती है, तो वेनेजुएला का नाम सबसे पहले लिया जाता है. इस देश ने अब तक 7 मिस यूनिवर्स, 6 मिस वर्ल्ड, 6 मिस इंटरनेशनल और 2 मिस अर्थ का खिताब जीता है. लेकिन इन चमचमाते ताजों के पीछे एक ऐसी दुनिया छिपी है, जिसे जानकर कई लोग हैरान रह जाते हैं.
द गार्जियन और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में ब्यूटी पेजेंट सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि गरीबी से बाहर निकलने का एक जरिया भी माने जाते हैं. आर्थिक संकट से जूझ रहे कई परिवार अपनी बेटियों को कम उम्र में ही मॉडलिंग और ब्यूटी अकादमियों में भेज देते हैं, इस उम्मीद में कि एक दिन वह मिस वेनेजुएला या मिस यूनिवर्स बनकर परिवार की जिंदगी बदल देगी.
12 साल की उम्र से शुरू हो जाती है सर्जरी की सलाह
रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ ब्यूटी अकादमियों में 12 साल की लड़कियों को भी नाक की सर्जरी (राइनोप्लास्टी) और शरीर की बनावट बदलने जैसी प्रक्रियाओं की सलाह दी जाती है. 16 साल की उम्र तक कई प्रतियोगियों को ब्रेस्ट इम्प्लांट कराने तक की सलाह दी जाती है.
कुछ मामलों में लड़कियों ने वजन कम करने के लिए बेहद दर्दनाक तरीके अपनाए. पूर्व मिस वेनेजुएला प्रतिभागी वी मे नावा ने बीबीसी को बताया था कि उन्होंने ठोस भोजन खाने से बचने के लिए अपनी जीभ पर प्लास्टिक की जाली तक सिलवाई थी. इससे पहले वह ब्रेस्ट इम्प्लांट, नाक की सर्जरी और दांतों का इलाज भी करा चुकी थीं.
यह भी पढ़ें: फ्लाइट के गेट पर एयर होस्टेस मुस्कुराकर आपका स्वागत क्यों करती हैं? जानिए वजह
पूर्व मिस वेनेजुएला प्रतियोगी वी मे नावा ने बीबीसी को बताया था कि वजन कम रखने के लिए उन्होंने अपनी जीभ पर एक खास तरह की प्लास्टिक जाली (टंग पैच) सिलवाई थी. इस जाली की वजह से ठोस खाना चबाना बेहद दर्दनाक हो जाता था, इसलिए वह सिर्फ तरल पदार्थ या लिक्विड डाइट ही ले पाती थीं. ऐसा उन्होंने वजन तेजी से घटाने के लिए किया था. इसके अलावा उन्होंने ब्रेस्ट इम्प्लांट, नाक की कॉस्मेटिक सर्जरी (राइनोप्लास्टी) और दांतों का कॉस्मेटिक इलाज भी कराया था, ताकि ब्यूटी पेजेंट के तय मानकों पर खुद को फिट कर सकें.

गरीबी से निकलने का सपना
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, कई लड़कियां बेहद साधारण और गरीब परिवारों से आती हैं. उनके माता-पिता अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा फीस, मेकअप और ड्रेस पर खर्च करते हैं. उम्मीद होती है कि अगर बेटी कोई बड़ा खिताब जीत गई तो मॉडलिंग, टीवी, मनोरंजन या यहां तक कि राजनीति में भी करियर बन सकता है.इसकी सबसे बड़ी मिसाल आइरीन साएज़ हैं, जिन्होंने मिस यूनिवर्स जीतने के बाद मेयर का चुनाव जीता और बाद में राष्ट्रपति पद तक का चुनाव लड़ा.
आलोचना भी कम नहीं
हालांकि, इस संस्कृति की लगातार आलोचना भी होती रही है. सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे लड़कियों पर अवास्तविक सुंदरता का दबाव बढ़ता है और उन्हें यह महसूस कराया जाता है कि सफलता पाने के लिए प्राकृतिक रूप नहीं, बल्कि सर्जरी जरूरी है.
फिर भी वेनेजुएला में हर साल हजारों लड़कियां इसी सपने के साथ ब्यूटी स्कूलों का रुख करती हैं कि शायद अगला ताज उनके सिर पर सजे और उनकी जिंदगी बदल जाए. यही वजह है कि आर्थिक और राजनीतिक संकट के बावजूद इस देश में ब्यूटी पेजेंट का जुनून आज भी बरकरार है.